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अब मंगल की जमीन पर घूमेंगे हाथ जितने छोटे रोवर

अब मंगल की जमीन पर घूमेंगे हाथ जितने छोटे रोवर

अक्सर छोटी चीजें ऐसे बड़े काम कर जाती हैं, जिन्हें बड़ी और भारी-भरकम चीजें नहीं कर पाती। मंगल ग्रह और उसके एक उपग्रह यूरोपा के बारे में अधिक जानकारी निकालने के लिए नासा हाथ के आकार के खास रोबोट तैयार कर रही है। ये रोबोट लाल ग्रह की जमीन पर घूमकर नई जानकारियां जुटाएंगे। इन रोवर को पफर्स नाम दिया गया है। नासा के मुताबिक ये छोटे रोवर उन इलाकों तक भी पहुंच सकेंगे, जहां तक मंगल पर जानकारी जुटा रहे बड़े रोवर नहीं पहुंच पाते हैं। इन छोटे रोवर को मंगल पर पहले से मौजूद रोवर के अंदर बैठकर यात्रा करनी की सुविधा भी दी जाएगी। 

मंगल पर अभी दो रोवर सक्रिय हैं 
मंगल ग्रह पर वैसे तो कई रोवर जा चुके हैं लेकिन अभी दो रोवर लाल ग्रह पर सक्रिय हैं। इनमें से एक है ऑपर्च्युनिटी और दूसरा है क्यूरोसिटी। ऑपर्च्युनिटी को सात जुलाई 2003 को लॉन्च किया गया था और 2004 में यह मंगल पर पहुंच गया था। वहीं क्यूरोसिटी को साल 2011 में लॉन्च किया गया था। तभी से दोनों रोवर मंगल की सतह पर मौजूद हैं। ऑपर्च्युनिटी दूसरे ग्रह पर सबसे अधिक समय रहते हुए सबसे लंबी दूरी तय करने वाला पहला मानव निर्मित यान बना है। इस रोवर ने मंगल की सतह पर 26 मील यानी लगभग 42 किलोमीटर की दूरी 11 साल में पूरी की है। ऑपर्च्युनिटी ने मंगल पर यह पता लगाया कि मंगल पर कभी जलीय वातावरण था और कुछ हद तक जीवन के अनुकूल परिस्थितियां थीं।

क्या है रोवर ? 
रोवर ऐसा रोबोटिक मिशन होता है, जो किसी ग्रह की कक्षा में पहुंचने के बाद वहां की जमीन पर भी उतरता है और फिर भ्रमण करता है। रोवर वहां की सतह के नमूने भी इकट्ठे करते हैं। भारत ने मंगल पर अभी तक कोई रोवर लॉन्च नहीं किया है। मंगलयान मंगल की कक्षा में चक्कर लगा रहा है। यह वहां की जमीन पर नहीं उतरा है

इसलिए भेजे जाते हैं रोवर 
मंगल ग्रह की जमीन का अध्ययन करने के लिए अभी तक कई रोवर भेजे जा चुके हैं। इन रोवर ने मंगल के कई रहस्यों का खुलासा भी किया है। हालांकि वहां की जमीन पर चलना इनके लिए मुश्किल काम रहा है। मंगल की सतह का क्षेत्रफल 5.6 करोड़ वर्ग मील है लेकिन कोई रोवर अभी तक 50 किलोमीटर की दूरी तय नहीं कर पाया है। ये रोवर मंगल की सतह का नमूना और अन्य जरूरी जानकारियां जुटाकर धरती तक भेजते हैं। इससे पहले 2015 में वैज्ञानिकों ने धूमकेतु पी67 पर रोसेटा यान से फिले नाम का रोवर उतारा था, हालांकि यह वहां की जमीन पर उतरने के बाद निष्क्रय हो गया था। 
 

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  • Web Title:nasa reveals palm-sized popup planetary rovers that could explore mars and look for alien life on eu