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एवरेस्ट फतह करने वाले दावों की पोल खोलगा जीपीएस

एवरेस्ट फतह करने वाले दावों की पोल खोलगा जीपीएस

नेपाल दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों पर जीपीएस प्रणाली से नजर रखेगा। एवरेस्ट पर चढ़ाई का शुभारंभ होने वाला है। पिछली बार एवरेस्ट फतह करने के झूठे दावों के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। यह प्रणाली उनकी सुरक्षा के मद्देनजर भी काम करेगी। 

नेपाल पर्यटन विभाग की प्रमुख दुर्गा दत्ता घाकल ने बताया कि शुरुआती तौर पर पर्वतारोहियों को एक जीपीएस यंत्र लगाया जाएगा। इसकी कीमत 300 डॉलर है। यह उनकी लोकेशन के बारे में सूचना देता रहेगा। जिसके जरिए इसे बाद में परखा जा सकेगा। 

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बता दें कि इससे पहले एवरेस्ट फतह करने के लिए केवल एक फोटो देनी होती थी। पिछले साल भारत से एक दंपति ने फोटो के आधार पर एवरेस्ट फतह करने का फर्जी दावा किया था। साथ ही जीपीएस तकनीक से पर्वतारोहियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। किसी तरह के हादसे में भी उनकी तलाश कर पाना आसान हो जाएगा। 

नेपाल पर्यटन विभाग के मुताबिक इस साल सैकड़ों पर्वतारोही एवरेस्ट फतह करने की कोशिश में शामिल होने पहुंचेंगे। 2015 के हिमस्खलन के दौरान हादसे में 19 पर्वतरोहियों की मौत हुई थी और 61 लोग घायल हुए थे। 2014 में भी 16 शेरपा गाइड की मृत्यु हुई थी। 

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  • Web Title: nepal will provide gps tracking devices to everest mountaineers