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बागेश्वर पीजी कॉलेज को चाहिए 60 हजार लीटर पानी डेली

बागेश्वर के पीजी कॉलेज को 60 हजार लीटर पानी प्रतिदिन चाहिए, लेकिन 15 एमएम की लाइन से भरपूर पानी नहीं मिल रहा है, जिससे छात्रों को प्रदूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। कॉलेज के आवासीय घर और छात्रावास के लोग भी हैंडपंप से पानी भर रहे हैं। अलबत्ता तीन हजार से अधिक छात्र-छात्राओं वाले कॉलेज को पानी देने में प्रशासन फिसड्डी साबित हुआ है।कॉलेज में जखेड़ा पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। वर्तमान में 15 एमएम पेयजल लाइन से पानी दिया जा रहा है। जो सिर्फ 250 लोगों के लिए पर्याप्त माना जा रहा है।

कॉलेज में 2200 छात्र पंजीकृत हैं। स्टाफ और छात्रावास समेत करीब तीन हजार लोगों को प्रतिदिन 60 हजार लीटर पानी चाहिए। लैब और टायलेट में भी 45 लीटर पानी प्रतिदिन एक व्यक्ति को चाहिए। छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक गस्याल ने बताया कि कॉलेज में पानी नहीं है। लैब में हाथ थोने को तक को पानी नहीं मिलता। छात्रावास के छात्र पानी के लिए आंदोलन कर रहे हैं। छात्रसंघ ने प्राचार्य को प्रस्ताव बनाकर दिया है, वे इस पर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों को हैंडपंप का प्रदूषित पानी पीना पड़ रहा है।

जलसंस्थान के जेई दीनदयाल ने कहा कि बीस साल पहले कॉलेज का कनेक्शन दिया गया था। जब कॉलेज में ढाई सौ छात्र-छात्राएं अध्यनरत थीं। उस समय यह योजना पर्याप्त थी। कॉलेज प्रशासन को इसके लिए कदम उठाना चाहिए था। उन्होंने बताया कि मिनी ट्यूबवेल का प्रस्ताव रखा जा सकता है, जिस पर 50 लाख रुपये खर्च होंगे। बीस साल तक कॉलेज को भरपूर पानी मिलने लगेगा। उन्होंने बताया कि एससीएसटी छात्रावास में रह रहे 50 छात्रों के लिए पेयजल योजना का प्रस्ताव भेजा गया है। साढ़े सात लाख रुपये की योजना डीएम को भेजी गई है।

छात्रसंघ से प्रस्ताव आया है। जलसंस्थान और प्रशासन को भेज दिया है। योजना में धन मिलने पर काम शुरू करा दिया जाएगा। छात्रों के साथ ही स्टाप को भी पेयजल की समस्या है। डॉ. एससी पंत, प्राचार्य, पीजी कॉलेज।

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  • Web Title:PG College should Bageshwar 60 thousand liters of water daily