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बच्चों को आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं नशीले पदार्थ

पहाड़ में भी अब छोटे-छोटे स्कूली बच्चे लगातार नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। बच्चों को नशा करने के लिए बाजारों से जहां आसानी से नशीली चीजें उपलब्ध हो जा रही हैं। वहीं, स्मैक के काले कारोबारी स्कूली बच्चों को लगातार इसका आदी बना रहे हैं। लेकिन, तमाम प्रयासों के बाद भी पुलिस स्मैक के कारोबारियों पर नकेल नहीं कस पा रही है।

अल्मोड़ा नगर की बात करें तो यहां के स्कूली बच्चों में नशे की प्रवृत्ति लगातार बढ़ती जा रही है। बच्चे नशा करना के लिए स्टेशनरी की दुकानों में मिलने वाले फ्लूड समेत सिगरेट, फ्रूट बीयर का प्रयोग करते हैं, जो उन्हें दुकानों से आसानी से प्राप्त हो जाती हैं। इसके साथ ही नगर में स्मैक के काले कारोबारी भी लगातार स्कूली बच्चों को अपना निशाना बनाकर उन्हें नशे का आदी बना रहे हैं।

पिछले दिनों नगर के कुछ किलोमीटर की दूरी पर एक कमरे में दर्जनभर से अधिक रसूखदार घरों के बच्चे स्मैक का सेवन करते पकड़े गए, जबकि तराई से स्मैक की तस्करी की दो तीन घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इन सब के बाद भी पुलिस के हाथ अभी तक स्मैक तस्करों के गिरोह तक नहीं पहुंच सके हैं। इस कारण छोटे बच्चे लगातार नशे के आदी हो रहे हैं।

एसएसपी बोले,

स्मैक तस्करी की घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। तस्करों पर पैनी निगाह रखी जा रही है, ताकि स्मैक तस्करों के गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

दलीप सिंह कुंवर, एसएसपी, अल्मोड़ा

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  • Web Title:Children are easily available drugs