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कपकोट के अंतिम गांव बोराचक झारकोट में तीन साल से बिजली गुल

कपकोट के अंतिम छोर पर बसे गांव बोराचक झारकोट में तीन साल से बिजली नहीं है। गांव में उरेडा से लघु जल विद्युत परियोजना बनाई गई थी, जो आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई। कई बार विभाग को सूचित करने पर भी व्यवस्था बहाल नहीं हो सकी। ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द बिजली व्यवस्था सुचारू करने की गुहार लगाई। जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह दानू के नेतृत्व में ग्रामीणों का शिष्टमंडल डीएम मंगेश घिल्ड़ियाल से मिला। उन्होंने बताया कि बोराचक झारकोट में 2013 की आपदा के समय जल विद्युत परियोजना क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसके बाद से गांव अंधेरे में डूबा है। परियोजना की टरबाइन मशीन, डायवर्जन टैंक, बिजली लाइन तथा जनरेटर खराब पड़े हैं।

उन्होंने बताया कि कई बार विभाग को सूचित किया गया, उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी के समय हिंसक जानवर गांव की ओर चले आते हैं, जिससे ग्रामीणों को सूर्यास्त होते ही मवेशी सहित घरों में कैद होना पड़ता है। उन्होंने जल्द बिजली व्यवस्था सुचारू कर ग्रामीणों को राहत देने की मांग की। जल्द कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। इस मौके पर भागीरथी देवी, महिपाल दानू, नंदनी दानू, गोकुल दानू, राजेंद्र दानू, राजीव कर्म्याल, विक्की दानू, प्रकाश सिंह, नंदन दोबड़िया, नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।

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  • Web Title:Borack Jarkot village without electricity in the last three years