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आज से टीबी के नये मरीजों को हर रोज खिलायी जाएगी दवा

आज से टीबी के नये मरीजों को हर रोज खिलायी जाएगी दवा

टीबी के नये मरीजों को 15 फरवरी से प्रतिदिन दवा खिलाई जाएगी। दवा का डोज मारीज के वजन से आधार पर मेडिसिन विशेषज्ञ की ओर से निर्धारित किया जाएगा। यह जानकारी जिला संचारी रोग (टीबी) पदाधिकारी डॉ. मधुसुदन प्रसाद ने मंगलवार को दी। उन्होंने बताया कि पहले टीबी के मरीजों को सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को दवा खिलायी जाती है वह पूर्वत: जारी रहेगी। सिर्फ नये मरीजों को हर रोज दवा खिलाने का प्रावधान किया गया।

हररोज दवा खिलाने से टीबी मरीजों की संख्या में कमी आएगी। हर रोज दवा खिलाने को लेकर जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, सभी एएनएम और आशा को प्रशिक्षण दिया गया। 15 फरवरी से नये मरीजों को हररोज फिक्सड्रग डोज कम्बीनेशन (एफडीसी) नामक दवा खिलायी जाएगी। सभी पीएचसी में प्रर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध करा दी गई है। हालांकि जिले में डॉट्स का सही से पालन नहीं हो रहा है। डॉट्स के तहत मरीजों को सामने दवा खिलाने का प्रावधान है, लेकिन उन्हें दवा देकर भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है। टीबी मरीजों पर निगरानी करने के लिए टीबी सुपर वाइजरों के सभी पद रिक्त हैं।

अधर में टीबी सुपरवाइजर की बहाली

जिले में टीबी सुपरवाइजरों और लैब टेक्नीशियनों की बहाली का मामला अधर में है। बहाली की फाइल कलेक्ट्रेट के टेबल का धूल फांक रही है। फाइन का निबटारा नहीं होने से सीनियर टीबी सुपरवाइजर के छह एवं लैब टेक्नीशियन के छह पदों पर बहाली रुकी है।

बहाली नहीं होने के कारण वैशाली जिले में पुनरीक्षित राष्ट्रीय यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम (आरएनटीसीपी) सफल नहीं हो रहा है। आरएनटीसीपी के तहत टीबी मरीजों को डायरेक्ट ऑब्जवेंशन ट्रीटमेंट (डॉटस) के अभाव में मरीजों की निगरानी नहीं होती जिसके कारण मल्टी ड्रग्स ट्यूबरक्लोसिस की संख्या बढ़कर करीब 150 हो गई है।

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  • Web Title:distribute medicine for tb patient in bihar