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हत्यारोपितों को शरण देने वाले दो व्यक्ति गिरफ्तार

गोरखपुर के सिविल लाइन में सनसनीखेज ढंग से हुई सौरभ पांडेय की हत्या में नामजद आरोपित विक्की के दो रिश्तेदारों को कैंट पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर अभियुक्तों को संरक्षण देने का आरोप है। नामजद तीनों अभियुक्तों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस ने खिलाफ कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है।

जल निगम में कार्यरत और सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास में रहने वाले यमुना प्रसाद पांडेय के पुत्र सौरभ पांडेय की 5 फरवरी की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटनास्थल के पास स्थित विद्यालय में लगे सीसी टीवी फुटेज की मदद से अभियुक्तों की पहचान खोवा मंडी निवासी विक्की यादव, उसके भाई सुनील यादव और दोस्त वैभव सिंह के रूप में हुई। घटना के बाद से ही पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही लेकिन अभी तक उनका पता नहीं चल सका है।

इस बीच पता चला कि विक्की और सुनील के चाचा राजेंद्र उर्फ भीम यादव और महराजगंज जिले के कोठीभार क्षेत्र के मटिहरिया निवासी व सुनील के ससुर रामप्यारे यादव अभियुक्तों को संरक्षण दे रहे हैं। इस आधार पर कैंट पुलिस ने बुधवार को छापामारी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के लिए न्यायिक कार्य से दूर रहे अधिवक्ता

सौरभ पाण्डेय की हत्या में आरोपित अभियुक्तों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बुधवार को दीवानी और कलेक्ट्री कचहरी के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। मृतक सौरभ पाण्डेय के भाई पंकज पाण्डेय दीवानी कचहरी में अधिवक्ता हैं। जिला अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष राम कृष्ण पाण्डेय और महामंत्री विनय कुमार चंद ने घटना की निंदा करते हुए अभिक्तों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट के अध्यक्ष अभिमन्यु पाण्डेय और मंत्री प्रियानंद सिंह ने कहा कि पुलिस की लापरवाही के चलते हत्यारोपितों की गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।

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  • Web Title:Two arresed in Saurabh Murder Case