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VIDEO: आईजी से जवाब-सवाल कर मासूम मन ने ठाना, बनेंगे अफसर

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कभी गांव-घर में रात में बच्चा रोता था तो मां चुप कराती थी...बेटा! सो जा। नहीं पुलिस आ जाएगी। पुलिस का नाम सुनकर मासूम अपनी मां की आंचल में समा जाता था और उसी में दुबके-दुबके गहरी नींद सो जाता था। मां आशीष भी देती है...मेरा राजा बेटा पढ़ेगा-लिखेगा आईपीएस बनेगा। मां से बार-बार मिलने वाला यह आशीष किशोर होते-होते उनका सपना बन जाता है। जीतपुर प्राथमिक स्कूल के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने तो इसी उम्र में ठान लिया। पढ़ेंगे-लिखेंगे और साहब जैसा बड़ा अफसर बनेंगे।

जीतपुर प्राथमिक स्कूल के बच्चों को यह मालूम था कि कोई बड़ा साहब आएंगे। शुक्रवार की सुबह जब वे स्कूल के लिए निकले तो अन्य दिनों की अपेक्षा उनकी चाल-ढाल और तैयारी आम दिनों से अलग थी। तन पर ढीली-ढाली दिखने वाली खाकी चुस्त-दुरुस्त और साफ-सुथरी थी। स्कूल पहुंचे तो कक्षा में कतारबद्ध होकर ऐसे बैठे जैसे परेड के दौरान सिपाही। 11:05 बजे उनका चेहरा खुशी से चमक उठा। उनके सामने खाकीवर्दीधारी जोन के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी मोहित अग्रवाल थे।

बच्चों को उनके शिक्षकों ने पहले ही बता दिया था कि आईजी साहब ने स्कूल को गोद लिया है। वह आएंगे और उन्हें पढ़ाएंगे भी। सवाल भी पूछेंगे। घबराने या डरने की जरूरत नहीं है। जवाब नहीं आएगा तो बताएंगे। शिक्षकों ने उत्साह बढ़ाया था लिहाजा वे पूरी तरह तैयार थे। यही वजह है कि आईजी ने जब एक-एक कर सवाल किए तो बच्चों ने बिना घबराए उनका सही-सही जवाब दिया। आईजी ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। कुछ ने गलत जवाब भी दिए लेकिन आईजी ने उन्हें भी उत्साहित किया। मासूमों के बीच आईजी मोहित अग्रवाल ऐसे घुल-मिल गए कि 1:24 घंटे कब बीत गए, पता ही नहीं चला।

आईजी ने जीतपुर स्कूल को लिया है गोद

परिषदीय स्कूलों में छात्रों की घट रही संख्या व शिक्षण कार्यो में शिक्षकों की कम हो रही रुचि को भांपकर आईजी मोहित अग्रवाल ने जीतपुर स्कूल को गोद लिया। यह मन में ठाना कि पहल करेंगे। कुछ सुधार जरूर होगा। उसने अमल शुरू कर दी। उन्होंने अन्य अधिकारियों से भी स्कूल गोद लेने को कहा।

शिक्षक-शिक्षिकाओं ने किया आईजी का स्वागत

आईजी मोहित अग्रवाल जीतपुर स्कूल पर पहुंचे तो शिक्षिका उषा सिंह, सुग्रीता गुप्ता, रेनू सिंह, कल्पना त्रिपाठी, शमीन जहां, नाजिश, चंद्रकांति, कंचन बाला, श्रद्धा त्रिपाठी, शिक्षक गंगेश पांडेय, विवेक त्रिपाठी, दुर्गेश, सुनील सिंह, रणवीर सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी अरुण सिंह भी मौजूद रहे।

कक्षा 8 में बिताए अधिक समय

आईजी मोहित अग्रवाल स्कूल पर पहुंचते ही सीधे कक्षा 8 में पहुंचे। यहां सर्वाधिक देर तक रहे। उन्होंने मौखिक सवाल पूछे फिर ब्लैकबोर्ड पर उनसे हल कराए। खुद चाक-डस्टर उठाकर सवाल लिखते, बच्चों से हल कराते और फिर खुद मिटाते। आईजी ने इस कक्षा 8 में 56 मिनट बिताया। 12:03 बजे कक्षा 7 में पहुंचे। बच्चों से पांच सवाल पूछे। सही उत्तर देने वालों को पुरस्कृत किए। 12:19 बजे कक्षा 6में पहुंचे। यहां भी उन्होंने तीन सवाल पूछे। जबाब देने पर बच्चों को पुरस्कृत किए। आईजी सबसे अधिक खुश कक्षा 6 के बच्चों को पढ़ाते समय दिखे।

गर्मी की छुट्टी में हम भी करेंगे पढ़ाई

आईजी ने बच्चों को शिक्षा देने के दौरान हंसी-हंसी में कहा कि इस बार गर्मी की छुट्टी में वह भी पढ़ाई करेंगे। एक जुलाई को जब विद्यालय खुलेगा तो वह पूरी तैयारी के साथ आएंगे। आप सवाल करेंगे तो आपको सही-सही जबाब देंगे।

जीतपुर विद्यालय की खामियां होंगी दूर

आईजी ने गोद लिए विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों और बच्चों से समस्याओं की जानकारी ली। बच्चों ने कहा कि बैठने के लिए डेस्क और बेंच नहीं हैं। एक ही इंडिया मार्का हैंडपम्प है। कमरों में पंखे नहीं हैं। आईजी ने आश्वासन दिया कि गर्मी की छुट्टी के बाद जब वो स्कूल आएंगे तो उन्हें यह सभी चीजे मिलेंगी।

10 मिनट शिक्षकों की भी ली क्लास

आईजी ने बच्चों को पढ़ाने के बाद दस मिनट की क्लास शिक्षकों की भी ली। इस दौरान उन्होंने सभी कक्षाओं की पुस्तकों की जानकारी ली और शिक्षकों से बाहरी ज्ञान की जानकारी लेने के लिए कहा।

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