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30 सर्राफा कारोबारी अपनी सुरक्षा पर खर्च कर रहे हर माह 20 लाख रुपये

पुलिस की सुरक्षा पर यकीन करने की बजाए निजी सुरक्षा के भरोसे शहर के 30 सर्राफा कारोबारी अपना शो-रुम चला रहे है। किसी ने पिस्टल वाले गार्ड तो किसी ने बंदूकधारी गार्ड सिक्योरिटी एजेंसी के जरिए तैनात कर रखा है। यह कारोबारी अपनी सुरक्षा पर हर महीने करीब 20 लाख रुपये खर्च कर रहे है। शहर के अधिकतर सर्राफा कारोबारियों के पास लाइसेंसी असलहे है, कुछ एक को छोड़कर सभी के असहले शादी-विवाह के मौके पर देखने को मिलते है। शहर में 10 बुलियन कारोबारी है, वे लाइसेंसी असलहाधारी है।

सर्राफा कारोबारी कहते है कि प्रदेश सरकार को हर महीने टैक्स देने के बाद भी सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। ऐसे में हम अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों का सहारा ले रहे है। वर्तमान परिवेश को देखते हुए अब हर कारोबारी को खुद सुरक्षा का इंतजाम करना होगा। पुलिस प्रशासन की लापरवाही से आए दिन सराफा कारोबारियों के साथ लूट, हत्या ,छिनैती की घटनाएं हो रही है। ऐसे में निजी सुरक्षा गार्ड रखना आवश्यक है।

श्रीराम ज्वेलर्स के उत्सव मेढतिया कहते है कि वे निजी सुरक्षा गार्ड पर हर महीने 40 हजार रुपये खर्च करते है। सभी सर्राफा कारोबारियों को मिलकर शहर में पांच सुरक्षा स्टेशन बनाना होगा। उस स्टेशन पर पांच गार्ड उपलब्ध रहे। जैसे ही किसी को उनकी जरुरत पड़े, उन्हें फोन करे और वे तत्काल पहुंच जाए। यदि सभी लोग मिलकर यह काम करे तो बहुत खर्च भी नहीं आएगा। त्रिमुर्ति शानवी ज्वेलर्स के राजेश वालानी कहते है कि वर्तमान समय में सुरक्षा इंतजाम सबसे जरुरी है। क्योकि पुलिस प्रशासन का डर अब अपराधियों को नहीं है। ऐसे में लाखों गवाने से बेहतर है कि निजी सुरक्षा गार्ड पर 25 से 50 हजार रुपये महीने में खर्च किया जाए।

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 1500 सराफा कारोबारी

शहर के आर्यनगर, हिन्दी बाजार, गोलघर, छाया काम्पलेक्स, आजाद चौक, असुरन चौक, पादरी बाजार, गिरधरगंज और दिव्यनगर में करीब 1500 सराफा कारोबारी अपना करोबार करते है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में करीब 90 शो-रुम और 10 बुलियन कारोबारी है। सराफा कारोबारी अतुल सराफ कहते है कि कारोबारी छोटे-छोटे खर्चे में कटौती करने के चक्कर में बड़ी धनराशि गवां रहे है। आजकल तो इंश्योरेंस की सुविधा और सुरक्षा के तमाम विकल्प उपलब्ध है। उसका इस्तेमाल कारोबारी को करना चाहिए। एक दूसरे कारोबारी का कहना है कि आजकल 12 हजार में पिस्टलधारी गार्ड और 8 हजार में बंदुकधारी गार्ड मुहैया करा रही है सिक्योरिटी एजेंसिया। बावजूद पता नहीं क्यो? कारोबारी निजी सुरक्षा का इंतजाम नहीं कर रहे है।

12 पिस्टलधारी गार्ड की मांग लम्बित

गोरखपुर सिक्योरिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के प्रोपराईट विपिन तिवारी कहते है कि लाइसेंसी पिस्टलधारी गार्डों की मांग अधिक आ रही है। बंदूक धारी गार्ड तो आसानी से उपलब्ध है। करीब दर्जनभर व्यापारियों की पिस्टलधारी गार्ड की मांग लम्बित है। पिस्टलधारी गार्ड जो है किसी न किसी के वहां सेवा दे रहे है। ऐसे में नए गार्ड के आने के बाद ही उनकी सुरक्षा में पिस्टलधारी गार्ड की आपूर्ति की जाएगी।

खास बातें

किसी ने पिस्टलधारी गार्ड तो किसी ने बंदूकधारी गार्ड तैनात कर रखा

सिक्योरिटी एजेंसी के पास पिस्टलधारी गार्डो की मांग अधिक

महानगर में 1500 करोबारी, बड़े शो-रुम करीब-90

शहर में बुलियन कारोबारी 10 है सभी के नाम लाइसेंसी असलहा

 

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  • Web Title:30 bullion traders spending 15 lakh rupees per month on their own security