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बिना किसी सरकारी सुविधाओं के यहां उपज रही है पहलवानों की नई पौध

बिना किसी सरकारी सुविधाओं के यहां उपज रही है पहलवानों की नई पौध

सुबह-सुबह गांव की मिट्टी में ताल ठोकते व एक दूसरे को पटकनी देते युवक। मिट्टी व पसीने से लथपथ चेहरे। सबके चेहरे पर कुछ कर गुजरने के हौसले। यह नजारा है जिले के भोरे प्रखंड के कुआडीडीह गांव का। वाकई यह गांव मिसाल है। यहां बिना किसी सरकारी संसाधन व सुविधा के पहलवानों की नई पौध तैयार हो रही है। 

गांव के अखाड़े में एक दर्जन युवक कुश्ती के दाव-पेच सीख रहे हैं। इन पहलवानों के प्रशिक्षक भी गांव के ही हैं। प्रशिक्षक रामपूजन सहनी खुद मंजे हुए पहलवान हैं। वे राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर कई पदक जीत चुके हैं। वे बिहार कुश्ती संघ के सचिव भी हैं। गांव में करीब सात वर्षों से अखाड़ा चल रहा है। अखाड़े में शुरुआती दिनों में काफी कम संख्या में कुश्ती के दाव-पेच सीखने युवक आते थे। लेकिन रामपूजन सहनी के नाम व शोहरत से प्रेरित होकर फिलहाल दो दर्जन युवक यहां कुश्ती के गुर सीख रहे हैं। अब तो कई किशोर उम्र के लड़के भी अखाड़े में पहुंचने लगे हैं।

नहीं हैं जरूरी सुविधाएं 
व्यामशाला, रस्सी, जीम व मैट नहीं रहने से पहलवान अखाड़े में ही कुश्ती के दाव-पेच सीख रहे हैं।  ऐसे में यहां  के पहलवानों को मौका मिलने पर राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर मैट पर होने वाली प्रतियोगिता में कठिनाई हो सकती है।

जमीन के अभाव में नहीं बन रही व्यामशाला : करीब दो वर्ष पूर्व कुआडीडीह में ही आयोजित राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में सांसद जनक राम व विधान पार्षद आदत्यि नारायण पांडेय ने अपने मद से व्यामशाला बनवाने की घोषणा की थी। लेकिन अब तक कुआडीडीह गांव में व्यामशाला के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है।

जीत चुके हैं मेडल : क्षेत्र के कई युवकों ने कुश्ती की राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताओं में अपना लोहा मनवाया है। रामपूजन सहनी बीपीएस कॉलेज भोरे के स्नातक तृतीय वर्ष के छात्र हैं। वे विभिन्न प्रतियोगिताओं में तीन बार गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। हाल ही में कुआडीडीह गांव के ही विजय कुमार यादव ने तेलंगना में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता है। वहीं राम पूजन के भाई दीपक कुमार सहनी स्कूली सब जूनियर प्रतियोगिताओं में र्भाग ले चुके हैं।

प्रशिक्षक राम पूजन सहनी बताते हैं कि सरकार की ओर से सुविधा उपलब्ध कराई जाए तो यहां के पहलवान एशियाई व ओलंपिक प्रतियोगिताओं में भी देश का नाम रौशन कर सकते हैं।

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  • Web Title:the new plant of wrestlers is being produced without any government facilities in bihar