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जनवरी के बाद शराबबंदी की कार्रवाई में आयी गिरावट

जनवरी के बाद से शराबबंदी की कार्रवाई में गिरावट आयी है। शहरी क्षेत्रों में शराब के धंधे में तेजी आयी है। एसी गाड़ियों में पीने-पिलाने और होम डिलीवरी की बातें सामने आ रही हैं। इससे लगता है कि शराब के आने-जाने वाले मार्गों में जांच नहीं हो रही है। पैंथर मोबाइल, पेट्रोलिंग पार्टी की मिलीभगत की शिकायतें मिल रही हैं। शराबबंदी की दिशा में यदि प्रभारी व सख्त कार्रवाई नहीं होगी तो संबंधित थानाध्यक्षों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ये बातें डीएम कुमार रवि ने कहीं। वे गुरुवार को एएसपी, अनुमंडल पदाधिकारी, एसडीपीओ व थानाध्यक्षों के साथ बैठक कर शराबबंदी की कार्रवाई की समीक्षा कर रहे थे।

ग्रामीण इलाकों में रखा जा रहा स्टॉक

डीएम ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में शराब का स्टॉक रखा जा रहा है। जिस घर से शराब बरामद हुई या निर्माण किया जा रहा है, अभी तक वैसे घरों की जब्ती या सील करने की कार्रवाई नहीं हुई है। कुछ ही गाड़ियां पकड़ी जा रही हैं। सिर्फ एक या दो व्यक्ति की गिरफ्तारी या शराब बरामदगी के बजाए मनी ट्रेल को रोकने के लिए वैज्ञानिक तरीके से अनुसंधान की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी की दिशा में ठोस कार्रवाई करें। एक सप्ताह के अंदर परिणाम चाहिए। 15 मई तक सभी थानाध्यक्ष प्रमाण पत्र देंगे कि उनके इलाके में शराब का निर्माण, भंडारण या अवैध कारोबार नहीं हो रहा है। इसके बाद अगर मामले सामने आए तो संबंधित थानाध्यक्ष पर कठोर कार्रवाई होगी।

थानों से नहीं आया शराब नष्ट करने का प्रस्ताव

डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी तक अधिकतर थानों से जब्त शराब को नष्ट करने का प्रस्ताव नहीं आया है। बड़े-बड़े जितने मामले हैं वहां से प्रस्ताव जल्द दें। उन्होंने कहा कि न्यायालय के आदेश के बाद अगले दो-तीन दिनों में चार मामलों में शराब को नष्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि थाने जब्त वाहनों से भरे पड़े हैं। अब तक मात्र 83 मामलों में नीलामी का प्रस्ताव आया है। इनमें से थाना स्तर से मात्र 18 मामलों में नोटिस का तामिला प्रतिवेदन मिला है। सुनवाई के बाद वाहनों को नीलामा किया जाएगा। डीएम ने लोक अभियोजक व सहायक लोक अभियोजक को विधि सम्मत फुलप्रूफ कार्रवाई करने को कहा।

बोधगया के ग्रामीण क्षेत्रों में शराब का हो रहा निर्माण

डीएम ने कहा कि बोधगया मस्तीपुर, ताराडीह, खिरियावां आदि स्थानों से शराब के निर्माण व बिक्री की शिकायत मिल रही हैं। शहर के डेल्हा, रामपुर, चंदौती में शराब मिलने की शिकायत है। थानाध्यक्ष जीरो टॉलरेंस के तहत कार्रवाई करें। अनुमंडल पदाधिकारी भी कार्रवाई करें। किसी कार्यालय में कर्मियों द्वारा शराब का सेवन या कारोबार में सहयोग की बात सामने आती है तो कार्यालय प्रधान तुरंत कार्रवाई करें। ऐसे मामलों में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए नौकरी से बर्खास्त भी किया जा सकता है।

मारक दस्ता कहीं भी करेगा कार्रवाई

एसएसपी गरिमा मलिक ने कहा कि शराबबंदी की जिम्मेवारी पुलिस पर है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर मारक दस्ता बन रहा है जो जिले की किसी भी थाना क्षेत्रों में जाकर छापेमारी करेगा। छापेमारी में मामने सामने आने पर सभी नपेंगे। उन्होंने कहा कि जब्त वाहनों की नीलाम का प्रस्ताव 24 घंटे के अंदर दें। शराब आदि सामग्री के नष्ट करने का प्रस्ताव तुरंग भेजें। कौन फाइनेंस कर रहा है, कहां भंडारण हो रहा है, नेक्सस क्या है, ऐसे माफियाओं को चिह्नित करें। कूरियर पर कार्रवाई के बजाए बड़ी मछली पकड़े। एसएसपी ने कहा कि बड़े मामलों का स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा।

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  • Web Title:Decline in alcohol after action in January