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फिल्म रिव्यूः अर्जुन दि वॉरियर प्रिंस
First Published:25-05-12 07:30 PM
Last Updated:26-05-12 10:14 AM
भारत में देसी एनिमेशन को अभी उतनी कामयाबी नहीं मिली है, जितनी मिलनी चाहिए थी। लेकिन इस हफ्ते रिलीज हुई एनिमेशन फिल्म ‘अर्जुन : दि वॉरियर प्रिंस’ को देख कर लगता है कि वो दिन दूर नहीं, जब लोग एनिमेशन फिल्मों को बॉलीवुड की अन्य फिल्मों की तरह हाथोंहाथ लिया करेंगे। जाहिर है, इसके लिए फिलहाल हमें हॉलीवुड स्टूडियोज से हाथ मिलाना पड़ेगा, जैसा कि ‘अर्जुन : दि वॉरियर प्रिंस’ के साथ हुआ है। वॉल्ट डिजनी के नाम का ही असर है कि फिल्म में एक नयापन देखने को मिलता है, खासतौर से इसके विजुअल्स में।
फिल्म की कहानी में छिपी बातें नई नहीं हैं। महाभारत के महान योद्धा अर्जुन के बारे में अधिकतर लोग ढेर सारी बातें जानते होंगे। बावजूद इसके यह फिल्म बांधे रखती है। फिल्म के पहले सीन से लेकर उसके शुरुआती टाइटल्स तक के रोमांच का मुकाबला सलमान खान की एंट्री से किया जा सकता है। यह कमाल है एनिमेटेड विजुअल ग्राफिक्स और पार्श्व संगीत का, जिसमें लोक-संगीत का भाव छिपा है।
फिल्म में एक मां अपने बच्चे को अर्जुन की कहानी सुना रही है। वह बच्चा एक पराक्रमी योद्धा बनना चाहता है। कहानी पांडवों के गुरुकुल जाने से शुरु होती है। इसके बाद द्रौपदी स्वयंवर और फिर खांडवप्रस्थ से इंद्रप्रस्थ बनने के प्रसंग सामने आते हैं।
इस बीच यह जानना रोचक है कि यह कहानी कौन बयां कर रहा है। यानी फिल्म में आवाजें किसकी हैं। एनिमेटेड किरदारों के पार्श्व में बॉलीवुड के कलाकारों की आवाजें इस फिल्म को काफी रोचक बना देती हैं। फिल्म में रचनात्मकता का स्तर इतना ऊंचा और नया है कि आप भूल जाएंगे कि कभी ऐसे महल और जंगल देखे भी थे। खासतौर से हस्तिनापुर का महल, राजा पांचाल की नगरी, लाक्षागृह और खांडवप्रस्थ से बना इंद्रप्रस्थ।
जिस चक्रव्यूह के बारे में केवल सुना गया है, उसे आप इस फिल्म में अच्छी तरह से देख सकते हैं। खराबी है तो सिर्फ एक कि फिल्म एकदम से खत्म हो जाती है।
आवाजें: इला अरुण, सचिन खेड़ेकर, अनुपम श्याम, अच्युत पोद्दार, युद्धवीर बकोलिया, अंजन श्रीवास्तव, विष्णु शर्मा
निर्देशक: अर्नब चौधरी
निर्माता/बैनर: रॉनी स्क्रूवाला और सिद्धार्थ रॉय कपूर/वॉल्ट डिजनी और यूटीवी मोशन पिक्चर्स
संगीत: विशाल-शेखर पब्लिक कमेंट
मस्त एनिमेशन मूवी है। म्यूजिक अच्छा है। फिल्म की खास बात यह है कि फिल्म अंत तक बांधे रखती है।
आर्ची, मॉडल बड़ी ही मजेदार फिल्म है। देख कर मजा आ गया। दोबारा देखने का मन कर रहा है। संगीत काफी अच्छा है। अमनदीप कौर, स्टुडेंट फिल्म में दो चीजें काफी अच्छी हैं। एक तो साउंड इफेक्ट और दूसरा एनिमेशन। फिल्म का अंत कब हो गया, यह तो पता ही नहीं चला।
खुशबू, आर्टिस्ट
निर्देशक: अर्नब चौधरी
निर्माता/बैनर: रॉनी स्क्रूवाला और सिद्धार्थ रॉय कपूर/वॉल्ट डिजनी और यूटीवी मोशन पिक्चर्स
संगीत: विशाल-शेखर पब्लिक कमेंट
मस्त एनिमेशन मूवी है। म्यूजिक अच्छा है। फिल्म की खास बात यह है कि फिल्म अंत तक बांधे रखती है।
आर्ची, मॉडल बड़ी ही मजेदार फिल्म है। देख कर मजा आ गया। दोबारा देखने का मन कर रहा है। संगीत काफी अच्छा है। अमनदीप कौर, स्टुडेंट फिल्म में दो चीजें काफी अच्छी हैं। एक तो साउंड इफेक्ट और दूसरा एनिमेशन। फिल्म का अंत कब हो गया, यह तो पता ही नहीं चला।
खुशबू, आर्टिस्ट
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