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‘प्रेशर में हमेशा अच्छा काम होता है’- अरबाज खान
श्याम शर्मा First Published:21-12-12 08:05 PM
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अरबाज खान इन दिनों फिल्म ‘दबंग 2’ को ले कर चर्चा में हैं। पेश है उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश-

अभिनय के बाद प्रोडक्शन, और अब निर्देशन। कैसा अनुभव रहा?
जैसा कि मैंने शायद पहले ही बताया है कि मैं तो शुरू से ही निर्देशक बनना चाहता था, मैंने महेश भट्ट जी के सहायक के तौर पर कई फिल्में असिस्ट की। लेकिन उन्हीं दिनों मुझे एक्टिंग के ऑफर आने शुरू हो गए, तो घरवालों की सलाह मानते हुए, मैं एक्टिंग में आ गया। चौदह साल में मैंने करीब पचास फिल्में की, लेकिन बतौर अभिनेता जब मैं किसी खास मुकाम तक नहीं पहुंच पाया, तो मैंने कुछ नया करने के बारे में सोचा। उसी दौरान सलमान भाई के पास दबंग का ऑफर आया, तो उन्होंने इस फिल्म को मुझे बतौर प्रोड्यूसर करने को कहा। और जब इसका सीक्वल शुरू हुआ, तो इसके निर्देशन की जिम्मेदारी भी मुझे ही उठानी पड़ी।

दबंग 2 में अभिनव कश्यप को न लेने की वजह? 
मैं उन दिनों अभिनव से जाकर मिला था, और फिल्म के बारे में बात की थी। लेकिन कुछ दिनों बाद मुझे उनका एसएमएस मिला कि वे ये फिल्म नहीं करना चाहते। बाद में सलमान भाई ने भी उन्हें फोन किया था। लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लिहाजा बाद में मुझे ये जिम्मेदारी संभालनी पड़ी।

लेकिन अभिनव की जगह कोई दूसरा निर्देशक भी तो लिया जा सकता था?
देखिये, दबंग भी मेरी ही फिल्म थी, लिहाजा मैं उसके हर विभाग से जुड़ा हुआ था और अगर इस फिल्म को दूसरा कोई डायरेक्टर करता, तब भी मेरी इन्वॉल्वमेंट उतनी ही रहती। तो हम सभी ने सोचा कि फिर क्यों न मैं ही ये फिल्म डायरेक्ट करूं।

आप फिल्म में पहले की तरह अभिनय भी कर रहे हैं, और डायरेक्शन भी, लिहाजा प्रेशर तो काफी रहा होगा?
प्रेशर होना तो अच्छी बात है,क्योंकि प्रेशर  में हमेशा अच्छा काम होता है, ये मेरा निजी अनुभव है। जहां तक फिल्म की बात है तो मैंने अपनी तरफ से खूब मेहनत की है। इसलिए दुआ कीजिए, कि जिस प्रकार दबंग ने अपनी एक खास जगह बनाई, दबंग 2 भी वही मुकाम हासिल कर दिखाये।

अब आप डायरेक्टर बन चुके हैं, तो क्या आगे भी सलमान के साथ ही काम करना चाहेगे?
सलमान एक अतिव्यस्त स्टार हैं, उनके साथ कोई फिल्म करने का मतलब है, सालों तक उनका इंतजार करना। और वैसे भी बतौर निर्देशक मैं आगे हर स्टार के साथ काम करना चाहता हूं।

सेट पर स्टार सलमान होता था या भाई सलमान?
सलमान एक बड़ा स्टार है, लिहाजा अपने सेट पर भी वे उस रूतबे को कायम रखते थे। और हमारे बीच हमेशा हेल्दी डिस्कस होती था।

लेकिन सलमान का तो कहना है कि सेट पर अक्सर किसी बात को लेकर हमारे बीच इतना विवाद हो जाता था, कि एक दूसरे के कपड़े फटने तक नौबत आ जाती थी?
स्वभाव से सलमान एक मजाक पसंद शख्स हैं, यहां वे अपने सगे भाई को भी नहीं बख्शते। वैसे एक-आध बार किसी बात पर जब हम सहमत नहीं हो पाते थे, तो उस बात का फैसला डेडी पर छोड़ दिया जाता था।

आपकी नजर में सलमान किस तरह के स्टार हैं?
सलमान भाई का अपना एक अलग स्टाइल है, जो उनके इस अदांज से वाकिफ हैं, वे ही उनके साथ काम कर सकते हैं। वे सेट पर देर से आते हैं, लेकिन बाद में उस दिन का पूरा काम करने के बाद ही घर जाते हैं।

आगे किस तरह की फिल्में बनाना पसंद करेगें?
फिल्म का बजट छोटा हो या बड़ा। मेरी कोशिश हमेशा एक अच्छी फिल्म बनाने की रहेगी।

एक अच्छे डायेरक्टर में क्या खूबियां होनी चाहिए?
एक अच्छे डायरेक्टर को धैर्यवान होना चाहिए, शार्ट टेंपरामेंट वाला डायरेक्टर ज्यादा सफल नहीं हो सकता।

दबंग 2 में खलनायक की क्या हैसियत रहेगी?
दरअसल अगर आपने गौर किया हो, तो दबंग में टेदी का कॅरेक्टर चुलबुल पांडे के सामने कमजोर था। इसलिए हमने फैसला किया कि फिल्म का खलनायक यानी बच्चा भैया सलमान के बराबर का या उनसे ताकतवर कॅरेक्टर होना चाहिए। इसीलिए हमने इस बार प्रकाशराज को साइन किया। सभी जानते हैं कि आज साउथ और हिन्दी फिल्मों में प्रकाशराज की एक दबंग खलनायक की हैसियत है।

 
 
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