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दि हॉबिट
विशाल ठाकुर First Published:14-12-2012 09:20:14 PMLast Updated:15-12-2012 10:31:25 AM
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हैरी पॉटर सिरीज के अंत के बाद लगा कि उसकी जगह लेने में किसी फिल्म सिरीज को काफी वक्त लगेगा, लेकिन इस हफ्ते रिलीज हुई निर्देशक पीटर जैक्सन की फिल्म ‘दि हॉबिट : एन अनएक्सपेक्टेड जर्नी’ की पहली किस्त देख अहसास हुआ कि हैरी पॉटर जैसा एंटरटेनमेंट डोज अब लोगों को दोबारा मिलने लगेगा। यहां हैरी पॉटर के जिक्र से यह कतई न समझा जाए कि दि हॉबिट और हैरी में कोई समानता है। यहां बात फिल्म की भव्यता और उसके ट्रीटमेंट को लेकर है। करीब पौने तीन घंटे लंबी इस फिल्म को 3डी में देखना वाकई एक अनोखा अनुभव है। इतनी लंबी अवधि की संभवत: यह पहली 3डी फिल्म होगी।

दि हॉबिट की कहानी को निर्देशक पीटर जैक्सन दो अन्य किस्तों के साथ पूरा करेंगे, इसलिए दर्शक फिल्म के अंत में फिनाले जैसी किसी चीज की उम्मीद न लगाएं। जो लोग पीटर जैक्सन की निर्देशन कला को जानते हैं, वे समझते हैं कि पीटर रोमांच को किस ऊंचाई तक ले जाते हैं। 

इस बार पीटर बिल्बो बिग्गन्स (मार्टिन फ्रीमैन) की अनोखी यात्रा पर लेकर जा रहे हैं। बिल्बो अब 111 वर्ष का हो चुका है और चाहता है कि वह अपने जीवन की अनोखी यात्रा को एक किताब के माध्यम से सबसे रू-ब-रू करवाए। अपनी कहानी को रोचक ढंग से बयां करने के लिए वह मौजूदा दौर से साठ साल पहले ही कहानी बयां करना शुरू करता है। उसकी इस रोचक यात्रा में उसे कई तरह के अनुभव होते हैं। भावनात्मक जुडमव के साथ-साथ पात्रों की धूर्तता, अपनों के खोने का दुख और दुश्मन पर विजय पाने की खुशी उसकी इस यात्रा का हिस्सा कैसे बन जाते हैं, उसे खुद भी पता नहीं चलता। दरअसल, पीटर जैक्सन ने फिल्म के इस पहले भाग को बडम इसलिए भी बनाया है, ताकि बाकी के भागों में वह और ज्यादा रोमांच दिखा सकें। इसलिए इस भाग का ज्यादातर हिस्सा कहानी बताने और उसे समझाने में ही निकल जाता है। यही वजह है कि यह फिल्म कई जगह काफी धीमी हो जाती है। इतनी लंबी फिल्म में धीमापन अखरता भी है, पर पीटर ने फिल्म को कई जगह संभाल भी लिया है।

पीटर ने एक कथावाचक के रूप में इस फिल्म को एपिक की तरह बनाया है, जिसमें हैरी पॉटर, लॉर्ड ऑफ दि रिंग्स और दि अंडरवर्ल्ड सिरीज की हल्की सी झलक भी मिलती है। फिल्म में ढेर सारे किरदार हैं। इतने कि याद रखना कठिन है। फिल्म के अंत के दृश्यों में रोमांच का स्तर इस कदर बढ़ जाता है कि 3डी के सीन्स कल्पना से परे प्रतीत होते हैं। खासतौर से युद्ध के सीन्स, जिसमें पहाड़ से गरजता एडवेंचर और शस्त्रों का भयानक रूप शामिल है। यह एक अलग किस्म की फिल्म है। जो लोग सपनीली कहानियों को पसंद करते हैं और यथार्थ से परे कल्पनालोक में जाना चाहते हैं, उनके लिए ये फिल्म एक बढ़िया विकल्प है।

कलाकार : ईयान मैक्लीन, मार्टिन फ्रीमैन, रिचर्ड आर्मिटेज, जेम्स नेसबिट्ट, केन स्टोट्ट, केट ब्लैंचेट, ईयाम होम, क्रिस्टोफर ली, हूगो वीविंग, अलाइजा वुड
निर्देशक : पीटर जैक्सन
निर्माता : फ्रान वाल्श और पीटर जैक्सन
बैनर : वार्नर ब्रदर्स पिक्चर्स
संगीत : हॉवर्ड शोर

लेखक: जे. आर. आर. टोल्किन

लोगों ने कहा
मस्त थ्री डी मूवी है। मजा आ गया। थ्री डी इफेक्ट देखने वाले हैं।
प्रेरणा, छात्रा

एक्शन सीन देखने लायक हैं। वन टाइम मूवी है।
विनोद शर्मा, बिजनेसमैन

थ्री डी और साउंड इफेक्ट मस्त हैं। सभी कलाकारों का अभिनय जानदार है।
अनिल शर्मा, बिजनेसमैन

 
 
 
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