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'नक्सल मामले में हिंसा नहीं है सही जवाब'
मुंबई, एजेंसी
First Published:18-08-12 04:15 PM
प्रकाश झा की फिल्म 'चक्रव्यूह' में एक पुलिस अधिकारी का किरदार निभा रहे अर्जुन रामपाल का कहना है कि फिल्म की शूटिंग शुरू करने से पहले वे इस आंदोलन के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे।
अर्जुन का मानना है कि हिंसा से कोई समाधान नहीं निकलने वाला। अर्जुन कहते हैं कि मुझे नहीं पता था कि नक्सली कितने संगठित रूप में काम करते हैं और उनके लिए आर्थिक मदद कितने बड़े पैमाने पर हमारे देश में पहुंचाई जाती है। मैं नहीं जानता था कि यह कितने बड़े स्तर का युद्ध है।
आगे अर्जुन बताते हैं कि इस फिल्म में मेरे किरदार का मानना है कि अगर व्यवस्था काम करना बंद कर दे तो आपको उसे खत्म करने की नहीं बल्कि उसकी मरम्मत करने की जरूरत होती है। हिंसा, अत्याचार से किसी को कुछ नहीं मिलने वाला। यही इस किरदार का मानना है और यही मेरा भी यकीन है।
इस फिल्म के लिए अर्जुन को भारत के सुदूर इलाकों में भी जाना पड़ा। वे कहते हैं कि उन इलाकों में ग्रामीणों की हालत देखकर बहुत दुख हुआ। उनके पास पानी, दवाई, अस्पताल, सड़कें नहीं हैं। अगर हम वहां ये सब पहुंचा सकें तो बहुत अच्छा होगा।
इस फिल्म के बारे में अर्जुन कहते हैं कि इस फिल्म को देखना हर भारतीय के लिए जरूरी है क्योंकि यह ऐसी लड़ाई है जिससे आप बच नहीं सकते। हर भारतीय को इसका पता होना चाहिए। हमें लगता है कि हम सब एकसाथ मिलकर समस्या का सही हल ढूंढ सकते हैं।
अर्जुन इस फिल्म में एक पुलिस अफसर एस पी आदिल खान की भूमिका में हैं, जिसका परिवार पुलिस में रहा है। वह एक ईमानदार और अच्छा व्यक्ति है। लेकिन उसका किरदार एक द्वंद में से गुजरता है और खुद को एक चक्रव्यूह में फंसा हुआ पाता है।
अर्जुन बताते हैं कि यह कहानी है उस पुलिस अफसर की जो अच्छा काम करना चाहता है लेकिन कर नहीं पाता। इससे पहले 'राजनीति' में अर्जुन प्रकाश झा के साथ काम कर चुके हैं। 'चक्रव्यूह' में अर्जुन के साथ अभय देओल, मनोज बाजपेयी, ओम पुरी, ईशा गुप्ता, अंजलि पाटिल और कबीर बेदी हैं। यह फिल्म 24 अक्टूबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
अर्जुन का मानना है कि हिंसा से कोई समाधान नहीं निकलने वाला। अर्जुन कहते हैं कि मुझे नहीं पता था कि नक्सली कितने संगठित रूप में काम करते हैं और उनके लिए आर्थिक मदद कितने बड़े पैमाने पर हमारे देश में पहुंचाई जाती है। मैं नहीं जानता था कि यह कितने बड़े स्तर का युद्ध है।
आगे अर्जुन बताते हैं कि इस फिल्म में मेरे किरदार का मानना है कि अगर व्यवस्था काम करना बंद कर दे तो आपको उसे खत्म करने की नहीं बल्कि उसकी मरम्मत करने की जरूरत होती है। हिंसा, अत्याचार से किसी को कुछ नहीं मिलने वाला। यही इस किरदार का मानना है और यही मेरा भी यकीन है।
इस फिल्म के लिए अर्जुन को भारत के सुदूर इलाकों में भी जाना पड़ा। वे कहते हैं कि उन इलाकों में ग्रामीणों की हालत देखकर बहुत दुख हुआ। उनके पास पानी, दवाई, अस्पताल, सड़कें नहीं हैं। अगर हम वहां ये सब पहुंचा सकें तो बहुत अच्छा होगा।
इस फिल्म के बारे में अर्जुन कहते हैं कि इस फिल्म को देखना हर भारतीय के लिए जरूरी है क्योंकि यह ऐसी लड़ाई है जिससे आप बच नहीं सकते। हर भारतीय को इसका पता होना चाहिए। हमें लगता है कि हम सब एकसाथ मिलकर समस्या का सही हल ढूंढ सकते हैं।
अर्जुन इस फिल्म में एक पुलिस अफसर एस पी आदिल खान की भूमिका में हैं, जिसका परिवार पुलिस में रहा है। वह एक ईमानदार और अच्छा व्यक्ति है। लेकिन उसका किरदार एक द्वंद में से गुजरता है और खुद को एक चक्रव्यूह में फंसा हुआ पाता है।
अर्जुन बताते हैं कि यह कहानी है उस पुलिस अफसर की जो अच्छा काम करना चाहता है लेकिन कर नहीं पाता। इससे पहले 'राजनीति' में अर्जुन प्रकाश झा के साथ काम कर चुके हैं। 'चक्रव्यूह' में अर्जुन के साथ अभय देओल, मनोज बाजपेयी, ओम पुरी, ईशा गुप्ता, अंजलि पाटिल और कबीर बेदी हैं। यह फिल्म 24 अक्टूबर को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी।
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