मंगलवार, 31 मार्च, 2015 | 22:19 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
कैबिनेट ने भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को फिर से जारी करने की सिफारिश की : सरकारी सूत्र।यमन में फंसे करीब 4,000 भारतीयों को निकालने के लिए भारत को अंतत: अदन में अपना जहाज ले जाने की अनुमति मिली।
मां को याद कर रुआंसे हुए संजय दत्त
मुम्बई, एजेंसी First Published:30-11-12 11:58 AM
Image Loading

नरगिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन और ब्रिटेन स्थित गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) हीलिंग लिट्ल हार्ट्स के बीच गठजोड़ की घोषणा करने वाले अभिनेता संजय दत्त अपनी मां नरगिस दत्त के निधन को याद कर रुआंसे हो उठे। नरगिस दत्त गुजरे जमाने की विख्यात अभिनेत्री थीं।

बुधवार को गठजोड़ के लॉन्च के मौके पर संजय दत्त की आंखों से आंसू टपक पड़ें। उनके साथ मौके पर बहन प्रिया और नम्रता भी थीं।

संजय ने याद करते हुए कहा कि 1981 में जब मेरी मां स्लोन केटरिंग मेमोरियल अस्पताल से लौटीं, तो उनका लीवर खराब हो चुका था। उन्हें एक अस्पताल ले जाया गया। मैं उस अस्पताल का नाम नहीं लेना चाहता।

रुआंसे संजय ने कहा कि जिन चिकित्सकों ने डेढ़ से दो सालों तक उनका इलाज किया था, वे भारत आए, चिकित्सक, नर्स, हर कोई, जिन्होंने उनकी देखभाल की थी और उन्हें अस्पताल में घुसने नहीं दिया गया। अगले दिन हमने मां को खो दिया। वे एक जीवन बचाने आए थे।

प्रिया ने नरगिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन के 30 सालों के काम को याद करते हुए कहा कि वह और उनके भाई बहनों ने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस से काम की गुणवत्ता सीखी है।

1981 में संजय दत्त की पहली फिल्म 'रॉकी' के रिलीज होने से कुछ ही दिन पहले उनकी मां का निधन हो गया था।

 
 
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
जरूर पढ़ें