रविवार, 05 जुलाई, 2015 | 18:50 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    फेसबुक ने 15 साल बाद मां-बेटे को मिलाया  व्हाट्सएप मैसेज से बवाल कराने वाला बीए का छात्र मोहित गिरफ्तार मुरादाबाद: नदी में पलटी जुगाड़ नाव, आठ डूबे, सर्च ऑपरेशन जारी यूपी के रामपुर में दो भाईयों की गोली मारकर हत्या, पुलिस जांच में जुटी बिहार के हाजीपुर में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद, छह गिरफ्तार झारखंड: चतरा के टंडवा में हाथियों ने कई घर तोड़े, खा गए धान बिहार में आंखों का अस्पताल बनाने के लिए इंडो-अमेरिकन्स का बड़ा कदम मुजफ्फरनगर के शुक्रताल में हजारों मछलियां मरीं, संत समाज बैठा धरने पर भागलपुर: नलों से निकला लाल पानी, लोगों ने बताया खून, लगाया जाम बेउर जेल में बाहुबली रीतलाल यादव के वार्ड में छापा, मोबाइल और सिम मिले
मां को याद कर रुआंसे हुए संजय दत्त
मुम्बई, एजेंसी First Published:30-11-12 11:58 AM
Image Loading

नरगिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन और ब्रिटेन स्थित गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) हीलिंग लिट्ल हार्ट्स के बीच गठजोड़ की घोषणा करने वाले अभिनेता संजय दत्त अपनी मां नरगिस दत्त के निधन को याद कर रुआंसे हो उठे। नरगिस दत्त गुजरे जमाने की विख्यात अभिनेत्री थीं।

बुधवार को गठजोड़ के लॉन्च के मौके पर संजय दत्त की आंखों से आंसू टपक पड़ें। उनके साथ मौके पर बहन प्रिया और नम्रता भी थीं।

संजय ने याद करते हुए कहा कि 1981 में जब मेरी मां स्लोन केटरिंग मेमोरियल अस्पताल से लौटीं, तो उनका लीवर खराब हो चुका था। उन्हें एक अस्पताल ले जाया गया। मैं उस अस्पताल का नाम नहीं लेना चाहता।

रुआंसे संजय ने कहा कि जिन चिकित्सकों ने डेढ़ से दो सालों तक उनका इलाज किया था, वे भारत आए, चिकित्सक, नर्स, हर कोई, जिन्होंने उनकी देखभाल की थी और उन्हें अस्पताल में घुसने नहीं दिया गया। अगले दिन हमने मां को खो दिया। वे एक जीवन बचाने आए थे।

प्रिया ने नरगिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन के 30 सालों के काम को याद करते हुए कहा कि वह और उनके भाई बहनों ने अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस से काम की गुणवत्ता सीखी है।

1981 में संजय दत्त की पहली फिल्म 'रॉकी' के रिलीज होने से कुछ ही दिन पहले उनकी मां का निधन हो गया था।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड