शनिवार, 25 अक्टूबर, 2014 | 09:44 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    चीन सीमा पर 54 चौकियां बनाएगा भारत, 175 करोड़ के पैकेज की घोषणा  बर्धवान के बम थे बांग्लादेश के लिए: एनआईए नरेंद्र मोदी की चाय पार्टी में नहीं शामिल होंगे उद्धव ठाकरे भूपेंद्र सिंह हुड्डा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें  कालेधन पर राम जेठमलानी ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें जमशेदपुर से लश्कर का आतंकवादी गिरफ्तार  कोई गैर गांधी भी बन सकता है कांग्रेस अध्यक्ष: चिदंबरम भाजपा के साथ सरकार के लिए उद्धव बहुत उत्सुक: अठावले रांची : एंथ्रेक्स ने ली सात लोगों की जान, 8 गंभीर हालत में भर्ती भारत-पाक तनाव के लिये भारत जिम्मेदार : बिलावल भुट्टो
सलमान को अदालत से राहत मिली
First Published:27-12-12 11:35 AMLast Updated:27-12-12 02:42 PM
Image Loading

मेट्रोपॉलिटन अदालत ने अभिनेता सलमान खान को वर्ष 2002 में कार से मारकर भागने के मामले में व्यक्तिगत तौर पर पेश होने से छूट दे दी है।
   
बांद्रा के मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ने सलमान (47) के वकील दीपेश मेहता के आवेदन पर यह निर्णय लिया है। मेहता ने कहा था कि बंबई उच्च न्यायालय ने पहले ही सलमान खान को सभी व्यक्तिगत पेशियों से छूट दे दी है।
   
आज अभिनेता सलमान खान की 47वीं सालगिरह है। अदालत सलमान खान और पुलिस पर जानबूझ कर मामले की सुनवायी में देर करने का आरोप लगाते हुए की गई शिकायत पर आज सुनवायी कर रही थी। अदालत ने इन आरोपों का जवाब देने के लिए सलमान खान को व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होने का आदेश दिया था।
   
सलमान ने गुरुवार को अदालत से कहा कि वह मामले की सुनवायी में हो रही देर के लिए जिम्मेदार नहीं हैं और उन्होंने शिकायत को खारिज करने की मांग की। सलमान के वकील मेहता ने कहा कि उच्च न्यायालय ने अभिनेता को व्यक्तिगत पेशी से स्थायी छूट दे रखी है।
   
मेहता ने कहा कि जब भी अदालत सलमान को निर्देश देगी वह उसके समक्षे पेश होने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सलमान के खिलाफ की गई शिकायत अपराध प्रक्रिया संहिता के तहत विचार योग्य नहीं है और उसका कोई आधार भी नहीं है।
   
मेहता ने कहा कि बंबई उच्च न्यायालय ने अपने समक्ष पेश तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर 10 जून 2005 को इस मामले में सलमान को व्यक्तिगत पेशी से छूट दे दी थी। सलमान ने कहा कि उनके खिलाफ शिकायतकर्ता का यह गलत आरोप लगाया है कि व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग करने के कारण ही इस मुकदमे की सुनवाई में देरी हो रही है।
   
शिकायत में संतोष दाउंदकर ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2002 के इस मामले को सलमान के व्यस्त फिल्म शेडयूल के कारण चार वर्ष देर किया गया है। वर्ष 2002 में बांद्रा में सलमान की कार एक बेकरी से टकरा गयी थी । इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हो गए थे।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अभिनेता ने पुलिस को सुनवायी में देर करने के लिए मना लिया है क्योंकि इस मामले में फर्जी गवाह पेश किए गए हैं। अभिनेता ने इस आरोप से भी इंकार किया कि 2008 से 2010 के बीच किसी गवाह से पूछताछ नहीं गयी। उनका कहना था कि अभियोजन पक्ष ने अभी तक 15 से ज्यादा गवाहों से पूछताछ की है। उन्होंने कहा कि अगर इस मुकदमे की सुनवायी में कोई देरी हुई भी है तो वह इसकी जवह नहीं है।
   
अदालत ने इस मामले में पुलिस से जवाब देने को कहते हुए इसकी सुनवायी 30 जनवरी तक स्थगित कर दिया है। शिकायतकर्ता की वकील आभा सिंह ने दलील दी कि पुलिस ने पिछले पांच वर्षों में गवाहों से पूछताछ नहीं करके सलमान को लाभ पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सलमान को लगातार अदालत में पेश होना चाहिए।
 
 
 
टिप्पणियाँ