मंगलवार, 30 जून, 2015 | 22:17 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
Image Loading    'मेंढक' को है आपकी दुआओं की जरूरत, कोमा में है आपका चहेता किरदार सुनंदा पुष्कर केस में शशि थरूर का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की तैयारी में जुटी पुलिस शर्मनाक: सीरिया में आईएस ने दो महिलाओं का सिर कलम किया उपचुनाव में रिकॉर्ड डेढ लाख वोटों के अंतर से जीतीं जयलिलता, सभी विरोधी उम्मीदवारों की जमानत जब्त धौलपुर महल विवाद: कांग्रेस ने राजे के खिलाफ नए सबूत पेश किए, भाजपा बोली, छवि बिगाड़ने की साजिश ट्विटर पर जॉन ने खोली 'वेलकम बैक' की रिलीज़ डेट, आप भी जानिए बांग्लादेश में उड़ा टीम इंडिया का मजाक, इन क्रिकेटरों को दिखाया आधा गंजा गांगुली ने टीम इंडिया में हरभजन की वापसी का किया स्वागत रोहित समय के पाबंद हैं, उनके साथ काम करना मुश्किल: शाहरूख खान तेंदुलकर ने अजिंक्य रहाणे को दीं शुभकामनाएं
मनोबल की कड़ी परीक्षा होती है बिग बॉस में : सिद्धू
नई दिल्ली, एजेंसी First Published:29-11-12 12:29 PM
Image Loading

नवजोत सिंह सिद्धू ने क्रिकेट की पिच पर कई बार बाउंसर झेले हैं लेकिन बिग बॉस के घर को वह मनोबल की सबसे बड़ी परीक्षा मानते हैं और उनका कहना है कि यदि किसी व्यक्ति को परखना है तो उसे इस रियलटी शो में भेज देना चाहिए।
    
सिद्धू लगभग एक महीने से अधिक समय तक बिग बॉस के घर में रहे। इसके बाद वह भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज के लिये स्टार क्रिकेट पर चल रही हिन्दी कमेंट्री और गुजरात चुनावों को ध्यान में रखकर बाहर आ गये।
    
उन्होंने खास बातचीत में कहा कि मेरे लिये बिग बॉस बहुत बड़ा जोखिम था। वहां जाना काजल की कोठरी में जाने जैसा था जहां से अपनी चादर को किसी भी तरह की कालिख से बचाकर बाहर निकलना लगभग असंभव था। आपके पास घड़ी, फोन, इंटरनेट, परिवार, मनपसंद खाना कुछ नहीं होता। इसलिए बिग बॉस का घर  मनोबल की सबसे कड़ी परीक्षा है।
    
सिद्धू ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को परखना है तो उसे बिग बॉस में भेज दो। उसका असली चरित्र दिख जाएगा।
    
अपनी बेटी राबिया की चुनौती पर इस रियलटी शो में भाग लेने वाले सिद्धू ने इस बात को नकार दिया कि बिग बॉस में बातें तोड़ मरोड़कर पेश की जाती हैं। उन्होंने कहा कि बिग बॉस मुखौटा नहीं यह खालिस असलियत है। यहां असली सूरत नहीं छिप सकती। चौबीस घंटों में आप भूल जाते हो कि आप पर कैमरा लगा हुआ है।

सिद्धू ने बिग बॉस के अपने अनुभवों के बारे में कहा कि निर्माताओं को विश्वास था कि वह भी अन्य भागीदारों की तरह कोई गलती करेंगे लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि मुझे निर्माताओं ने बताया कि पहले छह साल इस कार्यक्रम में गालियां काफी दी जाती थी लेकिन मैंने उसे पारिवारिक कार्यक्रम बना दिया।

पहले वह 11 बजे आता था लेकिन अब उसे नौ बजे दिखाया जाता है। उन लोगों को आशंका थी कि मेरा सब्र भी टूट जाएगा लेकिन आखिर में उन्होंने स्वीकार किया कि मैंने उन पर दबाव बना दिया था।

पिछले साल भी चर्चा थी कि सिद्धू बिग बॉस में जाएंगे लेकिन उन्होंने इस साल इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का फैसला किया। इस पूर्व टेस्ट क्रिकेटर ने खुलासा किया कि उनकी बेटी राबिया की चुनौती स्वीकार करते हुए वह इस रियेल्टी शो में पहुंचे थे।

उन्होंने कहा कि मेरी बेटी कहती है कि मेरे पिता बहुत मजबूत इंसान हैं लेकिन मैं नहीं चाहती कि वह बिग बॉस में जाएं क्योंकि हो सकता है कि वह भी कभी न कभी गलती कर बैठें। इसलिए मेरे लिये यह चुनौती थी। मेरे लिये यह बल्लेबाजी करने से भी बड़ी अग्निपरीक्षा थी और मुझे खुशी है कि मैं इसमें सफल रहा।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
क्रिकेट स्कोरबोर्ड