शुक्रवार, 28 अगस्त, 2015 | 20:14 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
सौतेले पिता करते थे इंद्राणी मुखर्जी का शोषणः वीर सांघवी।ट्रेड यूनियनें 2 सितंबर की हड़ताल पर कायम। इंटक के अध्यक्ष जी संजीवा रेड्डी ने यूनियन नेताओं की बैठक के बाद यह जानकारी दी।पाकिस्तान के विदेश सचिव ने भारतीय उच्चायुक्त को तलब किया, संघर्ष विराम उल्लंघन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
नसीरुद्दीन शाह ने बंटोरी पाक दर्शकों की प्रशंसा
लाहौर, एजेंसी First Published:02-12-2012 04:12:25 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM
Image Loading

बॉलीवुड अभिनेता नसीरुद्दीन शाह ने पाकिस्तान के लाहौर में इस्मत चुगतई की लघुकथा पर आधारित अपने अभिनय की दर्शकों की ओर से तालियों बजाकर प्रशंसा किये जाने के बाद कहा कि इस नाटक में उनका अभिनय उनके करियर का सबसे यादगार प्रदर्शन है।
      
नसीरुद्दीन ने शनिवार रात चुगतई की लघु कथा घरवाली पर आधारित नाटक में अभिनय के बाद कहा कि आज रात का मेरा अभिनय मेरे जीवन का यादगार प्रदर्शन है। नाटक जानेमाने कार्यक्रम इस्मत आपा के नाम हिस्सा था जिसे शायर फैज अहमद फैज को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजित किया गया।
      
नसीरुद्दीन ने यह प्रस्तुति आलमआरा कला परिषद में अपनी पत्नी रत्ना पाठक शाह और पुत्री हिबा शाह के साथ दी। उन्होंने कहा कि मैंने अपने पूरे जीवन में कई थिएटरों और फिल्मों में काम किया लेकिन जो प्यार और प्रशंसा मुझे लाहौरवासियों से मिली उसे मैंने विश्व में कहीं भी अनुभव नहीं किया।
      
शाह परिवार ने चुगतई की लघु कथाओं छुई मुई, मुगल बच्चा और घरवाली में अभिनय किया। इनका निर्देशन अभिनेता नसीरुद्दीन की ओर से किया गया। तीनों ने चुगतई के लेखन की क्रांतिकारी शैली को अच्छी तरह से प्रस्तुत किया जिसके लिए उन्हें दर्शकों की खूब प्रशंसा मिली।

फैज अहमद फैज और विख्यात लेखक इस्मत चुगतई (1915-1991) के प्रशंसकों के साथ ही जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों ने नसीर के इस अभिनय का आंनद उठाया। तीनों ही कहानियां अलग-अलग तरह की थीं लेकिन वे सभी महिलाओं के मुद्दों और महिलाओं के प्रति पुरुष प्रधान समाज के व्यवहार से संबंधित थी।
     
काले रंग की शेरवानी और सफेद पायजामा पहने नसीरुद्दीन ने नाटकों का संक्षिप्त परिचय पेश किया। उन्होंने कहा कि मैं यह नाटक उपमहाद्वीप के महान लेखकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने तथा नई पीढ़ी को उनके शानदार लेखनी से परिचित कराने के लिए कर रहा हूं।
     
उन्होंने कहा कि तीनों कहानियों को नाटक का रूप देते हुए एक भी शब्द बदला नहीं गया है। उन्होंने इस बात के लिए खेद जताया कि चुगतई की रचनाओं का कई भाषाओं में अनुवाद किया गया लेकिन उनके अपने देश में उनकी भूमिका हाशिए पर रही।
     
उन्होंने कहा कि यहां पर लोगों के बीच उनकी एकमात्र कहानी लिहाफ लोकप्रिय है जिसे आक्रामक माना जाता है।

 
 
 
 
जरूर पढ़ें
क्रिकेट
Image Loadingबारिश ने धोया पहले दिन का खेल, भारत 50/2
भारत और श्रीलंका के बीच तीसरे और आखिरी क्रिकेट टेस्ट के पहले दिन शुक्रवार को बारिश के कारण दो सत्र से अधिक का खेल नहीं हो सका जबकि भारत ने पहली पारी में दो विकेट पर 50 रन बनाए।
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
 
Image Loading

जब जय की हुई जमकर पिटाई...
वीरू (जय से): कल तुझे मेरे मोहल्ले के दस लड़कों ने बहुत बुरी तरह पीटा। फिर तूने क्या किया?
जय: मैंने उन सभी से कहा कि कि अगर हिम्मत है, तो अकेले-अकेले आओ।
वीरू: फिर क्या हुआ?
जय: होना क्या था, उसके बाद उन सबने एक-एक करके फिर से मुझे पीटा।