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'मेरी चढ़ती जवानी...' गाने से लता ने किया था इंकार
इंदौर, एजेंसी First Published:08-02-12 03:56 PM
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'मेरी चढ़ती जवानी तड़पे' के बोलों वाले बॉलीवुड गीत में लता मंगेशकर की आवाज के अल्हड़ जादू का अहसास कई श्रोताओं ने किया है। लेकिन यह बात कम ही लोग जानते होंगे कि जब सुरों की मलिका ने पहली बार ये बोल पढ़े थे तो इन पर एतराज जताते हुए इस गीत को अपनी आवाज देने से साफ इंकार कर दिया था।
    
यह खुलासा मशहूर संगीतकार राजेश रोशन ने आज किया, जिन्होंने फिल्म 'दिल तुझको दिया' (1987) का यह हिट गीत लिखा था और इसकी धुन तैयार की थी।
    
रोशन ने मध्यप्रदेश सरकार का 27वां राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान ग्रहण करने से पहले यहां संवाददाताओं से कहा कि जब लताजी ने स्टूडियो में रिकॉर्डिंग के पहले इस गाने के बोल पढ़े तो वह नाराज हो गयीं। जब मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि यह गाना हिट साबित होगा, वह तब भी नहीं मानीं और अपने एक सहयोगी को बुलाकर कहा कि वह रिकॉर्डिंग नहीं करना चाहतीं।
    
मशहूर संगीतकार ने बताया कि जब मैंने इस गीत पर लताजी का यह रुख देखा तो मुझे घबराहट हुई। फिर मैंने उन्हें फिल्म चित्रलेखा के उस गाने की याद दिलायी, जिसके बोलों में नायिका कलियों की सेज सजाने का जिक्र करती है। इस गाने को मेरे पिता रोशन ने संगीतबदध किया था और इसे लताजी ने अपनी आवाज दी थी।
    
जूनियर रोशन ने अतीत की मीठी यादों में खोते हुए बताया, मेरी बात सुनते ही लताजी मुस्कुराने लगीं और कहा कि अगर उन्होंने रोशन साहब का यह गाना गाया है तो वह मेरे गीत 'मेरी चढ़ती जवानी तड़पे' को भी अपनी आवाज देंगी।
    
मशहूर संगीतकार ने एक सवाल पर कहा कि वह अपने फिल्मकार भाई राकेश रोशन के शाहकारों में इसलिए बेहतर संगीत दे पाते हैं, क्योंकि उन्हें राकेश के बैनर में सजन की पूरी आजादी मिलती है।

 
 
 
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