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सफल फिल्म बनाने का मंत्र नहीं जानता: प्रियदर्शन
मुंबई, एजेंसी
First Published:11-09-12 05:10 PM
फिल्मी दुनिया में तीन दशक का अनुभव प्राप्त और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता प्रियदर्शन को सफल फिल्म बनाने का मंत्र मालूम नहीं है।
अनुभवी निर्देशक ने हिन्दी, तमिल, तेलगू और मलयालम फिल्मों में शानदार काम किया है। हिन्दी सिनेमा में उन्होंने हेरा-फेरी, हंगामा, हलचल, गरम मसाला, भागम भाग और मालामाल वीकली जैसी कई हास्य फिल्में बनाई है।
दक्षिण भारतीय भाषाओं में उन्होंने कांचीवरम, कालपन और वेलानकलुडे नाडू सहित कई फिल्में बनायी है। प्रियदर्शन ने कहा कि फिल्मी दुनिया में 32 साल बिताने और 86 फिल्म बनाने के बाद भी आज तक मुझे सफल फिल्म बनाने और लोगों को सिनेमा घरों तक लाने का मंत्र मालूम नहीं है।
मैं सिर्फ हमेशा अच्छी फिल्म बनाने का प्रयास करता हूं और मैं खुश हूं कि अधिकांश समय मैं सफल रहा हूं और इसे लेकर मैं गौरवान्वित महसूस करता हूं। इस साल पहली बार प्रियदर्शन ने एक्शन सिनेमा तेज बनाया जो बॉक्स ऑफिस पर असफल साबित हुई। लेकिन फिल्म को मिली प्रतिक्रिया से वह बेफिक्र रहे।
उन्होंने बताया कि मैं निराश नहीं हूं। इतने साल के अनुभव के बाद निराशा नहीं होती है, क्योंकि आप वही बनाते हैं जो आप चाहते हैं। अगर कोई फिल्म सफल नहीं होती है तो मैं इस पर नहीं सोचता हूं और अगली फिल्म के लिए काम करने लगता हूं।
हरेक फिल्म हिट नहीं हो सकती है, आप हमेशा सही नहीं हो सकते हैं, ऐसा मेरे साथ भी हुआ।
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