पप्पू यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी: माधवी सरकार पप्पू यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी: माधवी सरकार पप्पू यादव मामले में सुप्रीम कोर्ट जाऊंगी: माधवी सरकार शारदा घोटाला: प्रमोटर 31 मई तक न्यायिक हिरासत में बेनी ने फिर साधा सपा सरकार पर निशाना बेनी ने फिर साधा सपा सरकार पर निशाना बेनी ने फिर साधा सपा सरकार पर निशाना रेलवे रिश्वतकांड: आरोपी की जमानत याचिका खारिज लोकसभा चुनाव तक प्रधानमंत्री बदलने का सवाल नहीं: कांग्रेस चमेल सिंह के परिजन को सवा करोड़ मुआवजा मिले: बीजेपी
संगीत घुमा रहा है अमित त्रिवेदी को देश भर में
नई दिल्ली, एजेंसी
First Published:01-07-12 04:38 PM
संगीतकार अमित त्रिवेदी को अपने संगीत के लिए देश के अलग-अलग राज्यों में घूमना पड़ रहा है। उनकी आने वाली फिल्मों में से एक अगर बंगाल आधारित प्रेम कहानी है तो दूसरी फिल्म में पंजाब का चटपटे खाने का जायका है। इसके अलावा एक फिल्म में उनका संगीत राजस्थान के रेगिस्तानों पर आधारित है।
त्रिवेदी की पांच फिल्में अभी प्रदर्शित होना बाकी हैं। ये फिल्में हैं- 'तृष्णा', 'लुटेरा', 'लव-शव ते चिकन खुराना', 'अइया' और 'काई पो छे'। सभी फिल्मों का फ्लेवर और उनके संगीत का जायका एक-दूजे से काफी अलग है।
अमित कहते हैं कि अपने संगीत के जरिए मैं पूरे भारत को घूम रहा हूं। किसी संगीतकार को इतनी अलग-अलग किस्म की फिल्में करने का मौका मुश्किल ही मिलता है।
अमित बताते हैं कि माइकल विंटरबॉटम की फिल्म 'तृष्णा' राजस्थान पर आधारित है। इसमें हमने वहां की जमीन से जुड़े संगीत का इस्तेमाल किया है। इसके लिए वहां के स्थानीय वाद्य यंत्रों को भी प्रयोग किया गया है। लुटेरा फिल्म बंगाल पर आधारित है। इसमें रबिन्द्र संगीत और बॉल संगीत लिया गया है।
आगे वे बताते हैं कि फिल्म 'काई पो छे' में गुजरात की झलक है। 'अइया' के दो मुख्य किरदारों में से एक महाराष्ट्र का है और एक तमिलनाडु का। इसलिए फिल्म का संगीत दोनों राज्यों की झलक दिखाता है। इसके अलावा फिल्म 'लव शव ते चिकन खुराना' पंजाब की मस्ती लिए हुए है। हालांकि मैंने इसमें संगीत बहुत ज्यादा शोर-शराबे वाला नहीं रखा।
थिएटर और जिंगल लेखक के तौर पर काम कर चुके 32 वर्षीय अमित ने फिल्मों में अपनी शुरूआत 2008 में 'आमिर' फिल्म से की। हालांकि उन्हें प्रसिद्धि अनुराग कश्यप की 'देव डी' से मिली। अमित हाल ही में रिलीज हुई 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में भी अपनी आवाज दे चुके हैं।
त्रिवेदी की पांच फिल्में अभी प्रदर्शित होना बाकी हैं। ये फिल्में हैं- 'तृष्णा', 'लुटेरा', 'लव-शव ते चिकन खुराना', 'अइया' और 'काई पो छे'। सभी फिल्मों का फ्लेवर और उनके संगीत का जायका एक-दूजे से काफी अलग है।
अमित कहते हैं कि अपने संगीत के जरिए मैं पूरे भारत को घूम रहा हूं। किसी संगीतकार को इतनी अलग-अलग किस्म की फिल्में करने का मौका मुश्किल ही मिलता है।
अमित बताते हैं कि माइकल विंटरबॉटम की फिल्म 'तृष्णा' राजस्थान पर आधारित है। इसमें हमने वहां की जमीन से जुड़े संगीत का इस्तेमाल किया है। इसके लिए वहां के स्थानीय वाद्य यंत्रों को भी प्रयोग किया गया है। लुटेरा फिल्म बंगाल पर आधारित है। इसमें रबिन्द्र संगीत और बॉल संगीत लिया गया है।
आगे वे बताते हैं कि फिल्म 'काई पो छे' में गुजरात की झलक है। 'अइया' के दो मुख्य किरदारों में से एक महाराष्ट्र का है और एक तमिलनाडु का। इसलिए फिल्म का संगीत दोनों राज्यों की झलक दिखाता है। इसके अलावा फिल्म 'लव शव ते चिकन खुराना' पंजाब की मस्ती लिए हुए है। हालांकि मैंने इसमें संगीत बहुत ज्यादा शोर-शराबे वाला नहीं रखा।
थिएटर और जिंगल लेखक के तौर पर काम कर चुके 32 वर्षीय अमित ने फिल्मों में अपनी शुरूआत 2008 में 'आमिर' फिल्म से की। हालांकि उन्हें प्रसिद्धि अनुराग कश्यप की 'देव डी' से मिली। अमित हाल ही में रिलीज हुई 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में भी अपनी आवाज दे चुके हैं।
00

टिप्पणियाँ
स्थानीय ख़बरें
एन सी आर
पंजाब
उत्तराखंड
उत्तर प्रदेश
बिहार
झारखंड
लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें
आज का मौसम राशिफल



ई-मेल
