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फिल्म इश्किया का गाना इब्नेबतूता दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है, लेकिन कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के परिवारवाले काफी दुखी हैं।
फिल्म इश्किया का गाना इब्नेबतूता दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है, लेकिन गीतकार गुलजार के इस गीत पर कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना के परिवारवाले काफी दुखी हैं क्योंकि उनकी कविता से प्रेरित होकर लिखे गये इस गाने में कहीं भी इस दिवंगत कवि को श्रेय नहीं दिया गया है।
अपनी गजलों से लोगों को मंत्रमुग्ध करने वाले गुलजार ने सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता पर इस गाने के बोल लिखे हैं। सक्सेना ने मोरक्को के विद्वान इब्ने बतूता के घुम्मकड़ रवैये को दर्शाने के लिये एक कविता लिखी थी। लेकिन फिल्म में कहीं भी इस कवि को श्रेय नहीं दिया गया।
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की बेटी विभा सक्सेना ने कहा, जी हां, मेरे पिताजी ने इब्ने बतूता पर कविता लिखी थी, लेकिन गुलजार साहब ने इसमें थोड़े बदलाव करते हुए यह गाना लिखा है। हमें दुख इस बात का है कि कहीं भी उन्हें श्रेय नहीं दिया गया या ऐसा नहीं बताया गया कि यह गाना सर्वेश्वर दयाल सक्सेना की कविता इब्ने बतूता से प्रेरित है।
उन्होंने कहा कि गुलजार साहब खुद एक कवि हैं और अगर वह गाने की पंक्तियां कहीं से उतारते हैं तो उसे हमेशा श्रेय देते हैं। उनकी गरिमा इसी में होगी कि वे मेरे पिताजी को श्रेय दें क्योंकि मेरे पिताजी अब इस दुनिया में नहीं हैं।

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