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केंद्रीय विद्यालयों में अब सिर्फ गरीब बच्चों का एडमिशन, दिए गए सख्त निर्देश

केंद्रीय विद्यालयों में अब सिर्फ गरीब बच्चों का एडमिशन, दिए गए सख्त निर्देश

ऐसे समय में जब देश के मध्यम वर्गीय और उच्च मध्यम वर्गीय परिवार के घरों के बच्चे केन्द्रीय विद्यालयों में दाखिला ले रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि केंद्रीय कर्मियों के बच्चों के अलावा अब सिर्फ गरीब बच्चों को ही दाखिला मिल पाएगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की ओर से सांसदों को भेजे पत्र में कहा गया है कि सिर्फ उन्हीं बच्चों के दाखिले के लिए अपनी सिफारिश भेजें जिनकी सालाना पारिवारिक आय पांच लाख रुपये से कम हो।

इस मामले पर क्या करेगा मंत्रालय?

केन्द्रीय विद्यालय देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हैं और केन्द्र सरकार द्वारा पोषित हैं। सांसदों को जावड़ेकर द्वारा भेजे गए पत्र में लिखा है कि 'आपसे अनुरोध किया जाता है कि आप सिर्फ उन्हीं छात्रों के नाम भेजें, जिनके अभिभावकों की सालाना आय पांच लाख रुपये से कम है। क्योंकि हमें समाज के निचली आय वर्ग के लोगों का ध्यान रखना है।' 

मंत्रालय की ओर से सांसदों को यह अनुरोध भी किया गया है कि वे एक ही केंद्रीय विद्यालय और एक ही क्लास के लिए ज्यादा सिफारिशें देने से बचें ताकि एक ही क्लास में छात्रों की संख्या ज्यादा नहीं बढ़ जाए। इसकी बजाय वे अपनी सिफारिशें अलग-अलग केंद्रीय विद्यालयों के लिए भेजें। सांसद कोटा के तहत होने वाले दाखिले के लिए क्लास में अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाती हैं।

एक नजर आंकड़ों पर

एक नजर यदि देशभर के केंद्रीय विद्यालयों पर देखा जाए तो वर्तमान समय में एक हजार से ज्यादा केंद्रीय विद्यालयों में 12 लाख से ज्यादा छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं सांसदों को अपने क्षेत्र के किसी भी 10 बच्चों के दाखिले की सिफारिश करने का विशेष अधिकार होता है। लेकिन इस साल से केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। 

इस प्रक्रिया के तहत 15 मार्च तक देश भर से पहली कक्षा में 6.47 लाख आवेदन मिले हैं। इन आवेदनों में सबसे अधिक दिल्ली के हैं। राष्ट्रीय राजधानी के केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के लिए 1.23 लाख आवेदन मिले हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश है, जहां से 70,533 आवेदन मिले हैं। बिहार से लगभग 20 हजार, चंडीगढ़ से तीन हजार, हरियाणा से 14 हजार, झारखंड से छह हजार, उत्तराखंड से सात हजार और पश्चिम बंगाल से 32 हजार आवेदन मिले हैं।

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  • Web Title:now only poor children will get admission in the central schools