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Image Loading अन्य फोटो वाइसचांसलर कार्यालय पर गुरुवार को छात्रों ने जताया विरोध।: हिन्दुस्तान
हॉस्टल फीस 1.32 लाख, ये तो हद हो गई
नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता
First Published:27-07-12 11:13 AM
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खालसा कॉलेज के छात्रों ने जताया विरोध
दिल्ली विश्वविद्यालय के खालसा कॉलेज में हॉस्टल की फीस बेतहाशा बढ़ाए जाने का छात्रों ने विरोध किया है। इसे लेकर छात्रों ने कॉलेज और वाइसचांसलर कार्यालय के बाहर धरना दिया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल की फीस को जायज बताया है।

दरअसल दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु तेगबहादुर खालसा कॉलेज ने हॉस्टल की फीस करीब ग्यारह हजार रुपये प्रति माह कर दी है। छात्रों से छह माह की फीस के तौर पर करीब 67 हजार रुपये मांगे जा रहे हैं। जिसे लेकर छात्राओं ने काफी रोष जताया है। कॉलेज की छात्र ने बताया कि हॉस्टल की फीस इतनी अधिक करना सही नहीं है। किसी भी बेहतर पीजी में भी इतनी फीस नहीं है जितनी कॉलेज छात्रों से वसूल रहा है।

फीस बढ़ोत्तरी की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय में प्रदर्शन किया। एबीवीपी के प्रदेश मंत्री रोहित चहल ने बताया कि हॉस्टल फीस इतनी अधिक रखना जायज नहीं है। इसके बाद छात्र प्रदर्शन करते हुए वाइसचांसलर कार्यालय पहुंचे और वहां अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।

खालसा कॉलेज के प्राचार्य जसविंदर सिंह का कहना है कि कॉलेज का हॉस्टल अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है। कॉलेज को सिर्फ सिखगुरुद्वारा कमेटी द्वारा फंड मिला था। उन्होंने कहा कि छात्राओं को वाई-फाई, सिक्योरिटी, एसी जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती है। इसके अलावा खाने की फीस भी इसमें शामिल है। इस लिहाज से यह फीस नाजायज नहीं है।

अन्य कॉलेजों की फीस
विश्वविद्यालय के अन्य कॉलेजों की सालाना फीस 36 हजार रुपये से 40 हजार रुपये तक है। हॉस्टल फीस में बढ़ोतरी कॉमनवेल्थ में रेनोवेशन के बाद हुई है।

 
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