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केंद्रीय विश्वविद्यालय देंगे पेशेवर डिग्री
नई दिल्ली, विशेष संवाददाता
First Published:23-06-12 11:05 AM
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अगले साल से वोकेशनल कोर्स शुरू करने पर सहमत
केंद्र सरकार ने व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए केंद्रीय विश्वविद्यालयों में भी व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने को मंजूरी प्रदान कर दी है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को केंद्रीय विश्वविद्यालयों के साथ आयोजित बैठक में बैचलर ऑफ वोकेशनल (बी. वोक) कोर्स शुरू करने पर सहमति प्रकट की गई। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अब इसके लिए दिशा-निर्देश तैयार करेगा और अगले साल से यह कोर्स शुरू होने की संभावना है।

बैठक में शामिल हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के उपाध्यक्ष वेद प्रकाश ने बताया कि फिलहाल बैचलर कोर्स शुरू किया जाएगा जो बीए, बीएससी और बीकॉम के समतुल्य होगा। सभी 40 केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने इसे शुरू करने पर सहमति प्रकट की है। इसमें ऐसे व्यावसायिक कोर्स शुरू किए जाएंगे जिनके कोर्स आमतौर पर उलब्ध नहीं है और जिनकी बाजार में डिमांड बढ़ रही है। मसलन, टूरिज्म, कृषि, प्रिटिंग, सूचना प्रौद्यौगिकी, इंटरटेनमेंट, इकोनोमिक्स एंड फाइनेंस, कम्युनिकेशन, फूड एंड न्यूट्रीशियन आदि कोर्स होंगे। कोर्स का प्रारूप अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की एक विशेषज्ञ समिति तैयार करेगी।

सरकार की योजना बाद में पोस्ट ग्रेजुएट लेवल पर भी केंद्रीय विश्वविद्यालयों में वोकेशन कोर्स शुरू करने की है। इंटरमीडिएट लेवल पर भी ऐसे कोर्स शुरू किए गए हैं। सीबीएसई ने सौ से अधिक वोकेशनल कोर्स शुरू किए हैं लेकिन कई राज्यों के शिक्षा इस मामले में पीछे हैं। इसी प्रकार राज्य विवि को भी वोकेशनल कोर्स शुरू करने को कहा जा रहा है। हाल में एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कालेजों एवं पॉलीटैक्निकों को भी वोकेशनल कोर्स शुरू करने की इजाजत दी है।

योजना के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थानीय उद्योगों और व्यवसाय जगत से साथ मिलकर यह कोर्स शुरू करेंगे। पढ़ाई विवि में होगी और ट्रेनिंग इन संस्थानों में होगी। इस कोर्स को करने से छात्रों के समक्ष रोजगार के अच्छे मौके मिलेंगे।

इन मुद्दों पर भी बनी सहमति
केंद्रीय विवि में क्रेडिट ट्रांसफर पॉलिसी बनेगी जिससे एक स्टुडेंट बीच में एक विवि से दूसरे विवि में अध्ययन हेतु जा सकेंगे
मेटा यूनिवर्सिटी की तर्ज पर संयुक्त डिग्री कार्यक्रम भी शुरू करेंगे
सभी केंद्रीय विवि बैचलर कोर्स भी शुरू करेंगे
सभी केंद्रीय विवि दूरशिक्षा के जरिये भी कोर्स चलाएंगे
केंद्रीय विवि शिक्षा विभाग स्थापित करेंगे ताकि ज्यादा शिक्षक तैयार किए जा सकें

 
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