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कोटा इंजीनियरों की प्राइमरी पाठशाला
अरशाना अजमत
First Published:10-07-12 02:52 PM
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राजस्थान का यह छोटा-सा शहर एजुकेशन सिटी कहलाता है। इंजीनियरों की पाठशाला भी कहते हैं इसे। इंजीनियरिंग में हर साल सबसे ज्यादा छात्र यहीं से चुने जाते हैं। वजह है, यहां के कोचिंग संस्थान और उनकी अनूठी शिक्षा पद्धति। हर तरह की ई-टेक्नोलॉजी से लैस यहां के कोचिंग इंस्टीटय़ूट्स छात्रों के भीतर इंजीनियरिंग के गुण सूत्र रोपते हैं। इस बारे में विस्तार से बता रही हैं अरशाना अजमत

कोटा का मतलब तो कोचिंग है
राजस्थान की राजधानी जयपुर से 300 किलोमीटर दूर बसा एक छोटा-सा शहर है कोटा। जिंदगी की सारी जरूरतों से भरे-पूरे इस शहर की आबोहवा में शिक्षा की ऑक्सीजन घुली हुई है। यहां का प्रमुख रोजगार ही शिक्षा है। हर साल लगभग 80 हजार छात्र यहां बाहर से पढ़ाई करने आते हैं। इन छात्रों ने पूरे शहर को रोजगार के कई जरिए दिए हैं। कोचिंग संस्थान, हॉस्टल, पेइंग गेस्ट, कैंटीन, टिफिन सर्विस, लांड्री, साइबर कैफे, स्टेशनरी की दुकानें जैसे कई कारोबार यहां इन छात्रों की बदौलत ही फल-फूल रहे हैं। एक आकलन के अनुसार यहां आने वाला हर छात्र 1.25 लाख रुपए सालाना खर्च करता है, जिसका 40 प्रतिशत कोचिंग संस्थानों को जाता है और बाकी के रुपए दूसरी जरूरतों पर खर्च होते हैं। यों तो इस शहर में 767 प्राइमरी स्कूल, 596 मिडिल स्कूल, 296 सेकंडरी स्कूल, 50 हायर सेकंडरी स्कूल, 9 डिग्री कॉलेज, 4 इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीटय़ूट और 1 ओपन यूनिवर्सिटी है। मगर यहां की सबसे बड़ी खासियत कोचिंग स्कूल ही हैं, जहां इंजीनियरिंग और मेडिकल के एंट्रेंस एग्जाम्स की तैयारी कराई जाती है।

कोटा के ज्यादातर कोचिंग सेंटर जेईई, एआईईईई, एआईपीएमटी, स्टेट पीएमटी, आरपीएमटी और एमपीपीएमटी की तैयारी कराते हैं। मेडिकल के कोचिंग संस्थानों की संख्या यहां काफी कम है। ज्यादा बड़ी संख्या इंजीनियरिंग के कोचिंग संस्थानों की है। यहां से कोचिंग लेने वाले छात्रों की जमात का एक बड़ा प्रतिशत हर साल इन एंट्रेंस एग्जाम्स को क्लियर करता है, इसीलिए कोटा को इंजीनियरों की प्राइमरी पाठशाला भी कहते हैं। 

क्यों खास हैं कोटा के कोचिंग संस्थान
माना जाता है कि अगर आपने कोटा के कोचिंग संस्थानों से इंजीनियरिंग की तैयारी की है तो एंट्रेंस क्लियर करने के आपके चांस सत्तर प्रतिशत ज्यादा हो जाते हैं। वजह यह है कि यहां किसी भी कोचिंग संस्थान में आपको दाखिला तभी दिया जाएगा, जब आप में इंजीनियरिंग का एप्टिटय़ूड होगा। यहां लगभग सारे कोचिंग संस्थान पहले आपका टेस्ट लेते हैं, फिर आपका इंटरव्यू होता है, उसके बाद काउंसलिंग की जाती है, फिर तय होता है कि आप वाकई इंजीनियर बनने के लायक हैं या नहीं। जो छात्र ये टेस्ट और इंटरव्यू वगैरह क्लियर करते हैं, उन्हीं को तैयारी करवाई जाती है। बाकी छात्रों को खारिज कर दिया जाता है।

कई कोचिंग सेंटर्स तो दस से पंद्रह दिनों की स्पेशल वर्कशॉप भी कराते हैं, जिनमें छात्र के रुझान की परख हो जाती है। इसका सीधा-सा मतलब है कि यहां पहले ही बेस्ट स्टूडेंट्स तलाश लिए जाते हैं और उन्हीं को तैयारी कराई जाती है। यहां तैयारी का मेथड भी काफी अलग और खास होता है। यहां के जाने-माने कोचिंग सेंटर बंसल क्लासेज से तैयारी कर चुके पूर्व छात्र आदित्य बताते हैं कि यहां के ज्यादातर कोचिंग संस्थानों में कभी भी रट्टाफिकेशन की थ्योरी नहीं अपनाई जाती। यहां बात समझाई जाती है, तब तक, जब तक कि वह समझ न आ जाए।

एक और खास बात यह है कि यहां छात्रों के एप्टिटय़ूड पर काफी काम किया जाता है। छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ दूसरी कई एक्सरसाइज कराई जाती हैं, गेम्स खिलाए जाते हैं। यहां किसी भी छात्र पर इस बात का जोर नहीं डाला जाता कि उसे किसी भी तरह से पढ़ कर बस एग्जाम क्लियर करना है। उसे इस बात की पूरी छूट दी जाती है कि वह पढ़ाई के पैटर्न को समङो और खुद को माहौल के हिसाब से ढाले। इसके बावजूद अगर कुछ छात्र खुद को इस माहौल में फिट नहीं पाते तो वह वापस जा सकते हैं। वापस जाकर फिर से सोच सकते हैं कि उन्हें वाकई इंजीनियरिंग करनी है या कुछ और। यहां कई ऐसे कोचिंग सेंटर भी हैं, जो ऐसे छात्रों की फीस वापस कर देते हैं, जो पहले सेमिस्टर में वापस जाने का फैसला कर लेते हैं।

ऑनलाइन कोचिंग की भी सुविधा है यहां
हर छात्र के लिए संभव नहीं होता कि वह कोटा जाकर तैयारी करे। ऐसे छात्रों की मजबूरी को समझते हुए ही कोटा के कुछ कोचिंग संस्थानों ने ई-क्लासेज शुरू की हैं यानी ऑनलाइन रह कर इन कोचिंग संस्थानों से पढ़ाई की जा सकती है। ऐसे कोचिंग संस्थानों में बंसल कोचिंग, करियर पॉइंट प्रमुख हैं। इसके अलावा कुछ कोचिंग संस्थान डिस्टेंस लर्निग प्रोग्राम भी चलाते हैं, जिनमें रेजनेंस कोचिंग संस्थान प्रमुख है।

कोचिंग के अलावा भी बहुत कुछ है कोटा में

कोटा यूनिवर्सिटी
कोटा यूनिवर्सिटी में 6 फैकल्टी हैं, जिनमें साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट, एजुकेशन, लॉ और सोशल साइंस शामिल हैं। आप यहां से स्नातक और परास्नातक की डिग्री ले सकते हैं या फिर रिसर्च भी कर सकते हैं। यहां कुल 8 डिपार्टमेंट हैं। इनमें से तीन सेल्फ फाइनेंस कार्यक्रम चलाते हैं। इनमें डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट, डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंफॉर्मेटिक्स, डिपार्टमेंट ऑफ प्योर एंड एप्लाइड कैमिस्ट्री, डिपार्टमेंट ऑफ प्योर एंड एप्लाइड फिजिक्स, डिपार्टमेंट ऑफ सोशल साइंस प्रमुख हैं, जबकि मास्टर ऑफ लॉ, एमएससी इन लाइफ साइंस और मास्टर ऑफ फिजिकल एजुकेशन सेल्फ फाइनेंस प्रोग्राम के अंतर्गत चलने वाले कोर्स हैं। ज्यादा जानकारी आप संस्थान की वेबसाइट www.uok.ac.in से हासिल कर सकते हैं।

राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी
यह यूनिवर्सिटी काफी नई है। सन 2006 में बनी है। यहां से आप इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अलावा फिजिक्स, कैमिस्ट्री, ह्यूमेनिटिज, इंग्लिश और मैथ्स में स्नातक, परास्नातक या रिसर्च कर सकते हैं। इस यूनिवर्सिटी और इससे संबद्ध संस्थानों में हर साल करीब एक लाख छात्र दाखिला लेते हैं। अधिक जानकारी के लिए आप www.rtu.ac.in पर क्लिक कर सकते हैं।

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज
एमबीबीएस के छात्रों के लिए यह कोटा का एकमात्र सरकारी संस्थान है। यहां दाखिले के लिए आपको राज्य स्तर का एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करना होगा।

 
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