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नए जमाने के कोर्स से लैस एक संस्थान
आनंद कुमार
First Published:12-06-12 01:09 PM
डॉं. बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय नए जमाने के कोर्सेज से लैस है। विश्वविद्यालय विशेषतौर पर दिल्ली के छात्रों की उच्च शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखकर काम करता है।
आवेदन 20 जून तक
दिल्ली में हजारों छात्रों की उच्च शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने चार साल पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की है। समाज विज्ञान और मानविकी के कोर्स को बढ़ावा देते हुए यह संस्थान अपनी नई पहचान बनाने में जुटा है। उच्चस्तरीय विद्वानों और शिक्षकों से लैस इस संस्थान में आज नए-नए तरह के विषयों से लैस कई कोर्स शुरू किए गए हैं। कोर्स का ढांचा कुछ इस तरह का है कि छात्रों को आगे बढ़ने और रोजगार की राह में अलग पहचान बनाने में मदद करता है। विश्वविद्यालय के अनूठे कोर्स दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्रों से अलग पहचान देते हैं। यहां फिलहाल स्नातक स्तर पर सात और स्नातकोत्तर स्तर पर आठ विषयों में एमए का कोर्स चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसमें और विस्तार होगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में यह संस्थान अन्य के मुकाबले बेहतर है। विश्वविद्यालय मुख्य रूप से दिल्ली के स्थानीय छात्रों के लिए है। इसमें 85 फीसदी सीटें यहां के छात्रों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। यहां विभिन्न कोर्सों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। स्नातक कोर्स
स्नातक स्तर पर स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज के तहत इसमें 7 विषयों में ऑनर्स कोर्स शुरू किए गए हैं। इसमें छात्र अंग्रेजी, इतिहास, मनोविज्ञान, समाज विज्ञान, समाजशास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र में ऑनर्स कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा चार साल का एक ड्यूल कोर्स भी चलाया गया है, जो छात्रों को दो विषयों में स्पेशलाइजेशन की राह दिखाता है। मसलन छात्र चार साल के इस कोर्स में इतिहास और गणित या अर्थशास्त्र, दो विषयों में स्पेशलाइजेशन हासिल करके विदेश में आगे की पढ़ाई के लिए जा सकता है। चार साल का कोर्स करने पर उसे वहां एक साल की बचत होगी। सभी कोर्स में 35-35 सीटें हैं, जिसमें दाखिला 12वीं की मेरिट के आधार पर होता है। स्नातकोत्तर कोर्स
इसमें विभिन्न स्कूलों के तहत आठ कोर्सों में एमए की पढ़ाई कराई जाती है। छात्र जेंडर स्टडीज, एनवायरन्मेंट एंड डेवलपमेंट, इतिहास, डेवलपमेंट स्टडीज, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, अंग्रेजी, समाजशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल कर सकते हैं। एमए में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा होगी। विभागीय ढांचा
कोर्स चलाने के लिए विभिन्न विभाग तैयार किए गए हैं, जिनका स्कूल के आधार पर नामकरण किया गया है। स्कूल ऑफ डिजाइन, स्कूल ऑफ कल्चर एंड क्रिएटिव एक्सप्रेशन, स्कूल ऑफ ह्यूमन इकोलॉजी, ह्यूमन स्टडीज, डेवलपमेंट स्टडीज, जेंडर स्टडीज, लिबरल स्टडीज जैसे कई स्कूल हैं। इन सबके जरिए ही विभिन्न तरह के कोर्स और करिकुलम तैयार किए गये हैं। बिजनेस, पब्लिक पॉलिसी एंड सोशल एंटरप्रिन्योरशिप में एमबीए कोर्स भी शुरू किया गया है। इसमें दाखिले का काम यानी आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया खत्म हो गई है। संसाधन
यह विश्वविद्यालय दो कैम्पस के जरिए चलाया जा रहा है। एक कैम्पस सेक्टर 9, द्वारका में है तो दूसरा कश्मीरी गेट के पास इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की पुरानी बिल्डिंग में है। दोनों ही मेट्रो स्टेशन के पास हैं, इसलिए छात्रों को यहां आने में कोई असुविधा नहीं है। स्नातक की सभी कक्षाएं कश्मीरी गेट स्थित कैम्पस से चलाई जाएंगी। दोनों कैम्पस में आधुनिक क्लास रूम के अलावा इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को मुहैया कराई गई है। रचनात्मकता के विकास के लिए पाठय़क्रम और इससे इतर कई तरह की गतिविधियां भी शामिल हैं। दाखिला कैसे
आवेदन पत्र भरने की आखिरी तारीख 20 जून है। इसके बाद स्नातक के कोर्स में सीट के हिसाब से कटऑफ लिस्ट निकाली जाएगी। डीन प्रो. गीता वेंकटरमण के मुताबिक, स्नातक कोर्स में दाखिले के लिए तीन लिस्ट निकाली जाएंगी। एमए कोर्स में दाखिले के लिए जुलाई के पहले सप्ताह में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। दिल्ली का छात्र कौन है, इसके लिए क्राइटेरिया तय है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर इसे देख सकते हैं। फॉर्म ऑनलाइन भरने की भी सुविधा प्रदान की गई है। इच्छुक छात्र मनपसंद कोर्स में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। खासियत
प्रो. गीता वेंकटरमण के मुताबिक, यहां के कोर्स में छात्रों को तरह-तरह के विषयों को पढ़ने की आजादी दी गई है। फाउंडेशन मजबूत हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया है। पुराने विश्वविद्यालय अपने पाठय़क्रम को बदल कर जैसा बनाना चाहते हैं, वैसा पाठय़क्रम यहां शुरू से ही चलाया जा रहा है। छात्रों को एक से अधिक विषय पढ़ने और अपने व्यक्तित्व का विकास करने का भी यहां पर्याप्त स्पेस दिया गया है। देश के नामी-गिरामी और शीर्ष संस्थानों की फैकल्टी को यहां अध्यापन कार्य से जोड़ा गया है, चाहे वह जेएनयू हो या दिल्ली विश्वविद्यालय।
दिल्ली में हजारों छात्रों की उच्च शिक्षा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने चार साल पहले डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की है। समाज विज्ञान और मानविकी के कोर्स को बढ़ावा देते हुए यह संस्थान अपनी नई पहचान बनाने में जुटा है। उच्चस्तरीय विद्वानों और शिक्षकों से लैस इस संस्थान में आज नए-नए तरह के विषयों से लैस कई कोर्स शुरू किए गए हैं। कोर्स का ढांचा कुछ इस तरह का है कि छात्रों को आगे बढ़ने और रोजगार की राह में अलग पहचान बनाने में मदद करता है। विश्वविद्यालय के अनूठे कोर्स दूसरे विश्वविद्यालयों के छात्रों से अलग पहचान देते हैं। यहां फिलहाल स्नातक स्तर पर सात और स्नातकोत्तर स्तर पर आठ विषयों में एमए का कोर्स चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में इसमें और विस्तार होगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में यह संस्थान अन्य के मुकाबले बेहतर है। विश्वविद्यालय मुख्य रूप से दिल्ली के स्थानीय छात्रों के लिए है। इसमें 85 फीसदी सीटें यहां के छात्रों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। यहां विभिन्न कोर्सों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। स्नातक कोर्स
स्नातक स्तर पर स्कूल ऑफ अंडरग्रेजुएट स्टडीज के तहत इसमें 7 विषयों में ऑनर्स कोर्स शुरू किए गए हैं। इसमें छात्र अंग्रेजी, इतिहास, मनोविज्ञान, समाज विज्ञान, समाजशास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र में ऑनर्स कोर्स कर सकते हैं। इसके अलावा चार साल का एक ड्यूल कोर्स भी चलाया गया है, जो छात्रों को दो विषयों में स्पेशलाइजेशन की राह दिखाता है। मसलन छात्र चार साल के इस कोर्स में इतिहास और गणित या अर्थशास्त्र, दो विषयों में स्पेशलाइजेशन हासिल करके विदेश में आगे की पढ़ाई के लिए जा सकता है। चार साल का कोर्स करने पर उसे वहां एक साल की बचत होगी। सभी कोर्स में 35-35 सीटें हैं, जिसमें दाखिला 12वीं की मेरिट के आधार पर होता है। स्नातकोत्तर कोर्स
इसमें विभिन्न स्कूलों के तहत आठ कोर्सों में एमए की पढ़ाई कराई जाती है। छात्र जेंडर स्टडीज, एनवायरन्मेंट एंड डेवलपमेंट, इतिहास, डेवलपमेंट स्टडीज, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, अंग्रेजी, समाजशास्त्र में एमए की डिग्री हासिल कर सकते हैं। एमए में दाखिले के लिए प्रवेश परीक्षा होगी। विभागीय ढांचा
कोर्स चलाने के लिए विभिन्न विभाग तैयार किए गए हैं, जिनका स्कूल के आधार पर नामकरण किया गया है। स्कूल ऑफ डिजाइन, स्कूल ऑफ कल्चर एंड क्रिएटिव एक्सप्रेशन, स्कूल ऑफ ह्यूमन इकोलॉजी, ह्यूमन स्टडीज, डेवलपमेंट स्टडीज, जेंडर स्टडीज, लिबरल स्टडीज जैसे कई स्कूल हैं। इन सबके जरिए ही विभिन्न तरह के कोर्स और करिकुलम तैयार किए गये हैं। बिजनेस, पब्लिक पॉलिसी एंड सोशल एंटरप्रिन्योरशिप में एमबीए कोर्स भी शुरू किया गया है। इसमें दाखिले का काम यानी आवेदन फॉर्म भरने की प्रक्रिया खत्म हो गई है। संसाधन
यह विश्वविद्यालय दो कैम्पस के जरिए चलाया जा रहा है। एक कैम्पस सेक्टर 9, द्वारका में है तो दूसरा कश्मीरी गेट के पास इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय की पुरानी बिल्डिंग में है। दोनों ही मेट्रो स्टेशन के पास हैं, इसलिए छात्रों को यहां आने में कोई असुविधा नहीं है। स्नातक की सभी कक्षाएं कश्मीरी गेट स्थित कैम्पस से चलाई जाएंगी। दोनों कैम्पस में आधुनिक क्लास रूम के अलावा इंटरनेट की सुविधा भी छात्रों को मुहैया कराई गई है। रचनात्मकता के विकास के लिए पाठय़क्रम और इससे इतर कई तरह की गतिविधियां भी शामिल हैं। दाखिला कैसे
आवेदन पत्र भरने की आखिरी तारीख 20 जून है। इसके बाद स्नातक के कोर्स में सीट के हिसाब से कटऑफ लिस्ट निकाली जाएगी। डीन प्रो. गीता वेंकटरमण के मुताबिक, स्नातक कोर्स में दाखिले के लिए तीन लिस्ट निकाली जाएंगी। एमए कोर्स में दाखिले के लिए जुलाई के पहले सप्ताह में प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी। दिल्ली का छात्र कौन है, इसके लिए क्राइटेरिया तय है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर इसे देख सकते हैं। फॉर्म ऑनलाइन भरने की भी सुविधा प्रदान की गई है। इच्छुक छात्र मनपसंद कोर्स में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। खासियत
प्रो. गीता वेंकटरमण के मुताबिक, यहां के कोर्स में छात्रों को तरह-तरह के विषयों को पढ़ने की आजादी दी गई है। फाउंडेशन मजबूत हो, इसका पूरा ख्याल रखा गया है। पुराने विश्वविद्यालय अपने पाठय़क्रम को बदल कर जैसा बनाना चाहते हैं, वैसा पाठय़क्रम यहां शुरू से ही चलाया जा रहा है। छात्रों को एक से अधिक विषय पढ़ने और अपने व्यक्तित्व का विकास करने का भी यहां पर्याप्त स्पेस दिया गया है। देश के नामी-गिरामी और शीर्ष संस्थानों की फैकल्टी को यहां अध्यापन कार्य से जोड़ा गया है, चाहे वह जेएनयू हो या दिल्ली विश्वविद्यालय।
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