बुधवार, 19 जून, 2013 | 11:24 | IST
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एथिकल हैकर मददगार हाथ
प्रस्तुति: रुचि गुप्ता
First Published:12-06-12 12:38 PM
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मौजूदा दौर में जहां एक तरफ इंटरनेट का बोलबाला हर तरफ सुनाई दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ नामी-गिरामी वेबसाइट्स को हैक किए जाने की रफ्तार भी कुछ कम नहीं है। ऐसे में कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क मालिकों के अनुरोध पर कानून के दायरे में रह कर कुछ हैकर्स उनके सिस्टम और नेटवर्क का जायजा लेते हैं। आपराधिक हैकर्स को मुहैया संसाधनों और काम करने के तरीकों का इस्तेमाल करते हुए ये नैतिक हैकर्स सिस्टम या नेटवर्क की उन कमजोर कड़ियों को ढ़ूंढ़ने का काम करते हैं। हैकर्स इन कमजोर कड़ियों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, इसीलिए प्रोग्रामर्स के लिए मददगार साबित ये नैतिक (एथिकल) हैकर्स उनके साथ मिल कर हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नए-नए प्रोग्राम्स तैयार करने में मदद करते हैं। सूचना की सुरक्षा करने वाला यह उद्योग विश्वभर में 21 प्रतिशत की रफ्तार से विकास कर रहा है।

नैतिक हैकिंग को आक्रमण परीक्षण, अतिक्रमण परीक्षण व समाधान दल के रूप में भी देखा जाता है। एक नैतिक मूल्यों पर हैकिंग करने वाले का काम काफी दिलचस्प भी है। वह इस तरीके से काम करते हैं और प्रोग्राम तैयार कर उसे लागू करने में मदद करते हैं, जिससे नेटवर्क और उसके डेटा की सुरक्षा की जा सके। इनके कार्य को इज्जत की नजर से देखा जाता है, क्योंकि हैकर्स के विपरीत वे कानूनी दायरे में रहते हुए कंपनियों की मदद उनके नेटवर्क व सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए करते हैं।

वेतन
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद कोई भी नया पेशेवर सालाना 2.5 लाख रुपये कमाने से शुरू करते हुए अपने अनुभव से 4.5 लाख रुपये तक कमा सकता है। 5 साल के कार्यानुभव के साथ कोई भी पेशेवर 10 से 12 लाख रुपये सालाना तक कमा सकता है।

योग्यता एवं कौशल

प्राथमिक तौर पर किसी भी पेशेवर हैकर के लिए प्रोग्राम्स को विभिन्न कंप्यूटर लैंग्वेज जैसे कि सी, सी++, पर्ल, पायथन और रूबी आदि में एंकोडिंग करने की क्षमता होनी चाहिए।
एक पेशेवर हैकर होने के लिए जरूरी है कि उनका नजरिया बाकी हैकर्स से कुछ हटकर हो। उन्हें रचनात्मक होते हुए बाकी से अलग समाधान पेश करना होता है
डिसअसेंबल बायनरीज का मूल्यांकन करने वालों के लिए असेंबली लैंग्वेज की समझ होना भी बेहद जरूरी है
विभिन्न ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे माइक्रोसॉफ्ट विंडोज, लाइनक्स के विभिन्न वजर्न्स आदि की समझ भी अनिवार्य है।
नेटवर्क उपकरणों, काउंटिंग स्विचेज, राउटर्स और फायरवॉल्स की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
पेशेवर हैकर को टीसीपी/आईपी प्रोटोकॉल जैसे एसएमटीपी, आईसीएमपी और एचटीटीपी की मूलभूत जानकारी होना जरूरी है।

कैसे पहुंचें
विज्ञान विषयों (भौतिकी, रसायन और गणित) के साथ 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद देश के किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस या कंप्यूटर इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल करें। स्नातक पाठय़क्रम के दौरान आप एथिकल हैकिंग के सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश पा सकते हैं। इस कोर्स के माध्यम से आप इस क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं से रू-ब-रू हो सकते हैं। इन दिनों इंजीनियरिंग कॉलेजों में एथिकल हैंकिंग को लेकर प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी है। अगर आप एक एथिकल हैकर के रूप में करियर बनाने के इच्छुक हैं तो इस तरह की गतिविधियों में अपनी भागीदारी जरूर सुनिश्चित कर लें। साथ ही इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि सूचना प्रौद्योगिकी को लेकर आपकी जानकारी बहुत अच्छी हो, जिसके लिए आपकी दिलचस्पी कंप्यूटर पर काम करने में हो।

संस्थान एवं वेबसाइट्स

आईएसीएम स्मार्टलर्न, दिल्ली
www.iacmindia.com
अपिन सिक्योरिटी ग्रुप
www.appinonline.com
कायरियोन डिजिटल सॉल्यूशंस
http://www.kyrion.in/security/
के-सिक्योर आईटी सिक्योरिटी सर्विसेज
http://www.ksecure.net/ethical-hacking-training.htm

नफा-नुकसान
यह उद्योग काफी तेजी के साथ बढ़ रहा है और इसमें संभावित पेशेवरों के लिए सुनहरा भविष्य भी देखा जा
सकता है।
नए पेशेवर यहां अच्छी नौकरी आसानी से पा सकते हैं।
आपको कई नामी-गिरामी कंपनियों व लोगों के साथ काम करने का मौका मिल सकता है।
सूचना सुरक्षा उद्योग बहुत तेजी से बदल रहा है, इसलिए जरूरी है कि आप भी यहां के चलन के साथ खुद को बदलते रहें।
इस काम में अच्छा पैसा मिलता है।
कुछ कंप्यूटर सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स, जैसे माकर्स जे रैनम एथिकल हैकर जैसे शब्द पर सहमत नहीं हैं, क्योंकि इससे नकारात्मकता का बोध होता है। हो सकता है कि कुछ लोग इस शब्द या इस पद के चलते खुद को इस पेशे से जोड़ने में असहज भी महसूस करें।

दिनचर्या
इस प्रकार के एक नैतिक हैकर की आम दिनचर्या कुछ इस प्रकार होती है :

सुबह 9 बजे: दफ्तर पहुंचना
सुबह 10 बजे: एक ऐसी वेबसाइट पर काम शुरू करना, जिसे हाल ही में हैक किया गया हो
दोपहर 2 बजे: दोपहर का भोजन
दोपहर 3 बजे: प्रोग्रामर से संपर्क करना और आगामी हैकिंग के हमलों के लिए नए प्रोग्राम तैयार करना
शाम 5:30 बजे: काम खत्म कर घर की ओर निकला
शाम 7 बजे: विभिन्न नेटवर्क्स की कार्यप्रणालियों व उनमें कमियों का अध्ययन करना और उन्हें सुरक्षित बनाने के करागर उपाय तलाशना।

 
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