वर्ल्ड के सबसे छोटे आदमी का निधन
इस सप्ताह पूरा हो जाएगा कसाब का मुकदमा
ईडन पर अपना काम बेहतरी से करेंगे
बचकर रहना होगा चेन्नई सुपर किंग्स से
अपनी जेब पर तिरंगा लगा सकेंगे सांसद
इंटरसेप्टर मिसाइल का परीक्षण रहा नाकाम
वनडे रैंकिंग में धोनी के करीब पहुंचे हसी
वीरू के वज्र से रायल्स ध्वस्त
कुछ समय और झेलनी पड सकती है महंगाई: प्रणब आईपीसीसी प्रमुख का पद नहीं छोड़ेंगे पचौरी
जांचकर्ताओं का मानना है कि न सिर्फ ऊन बल्कि कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक और दूसरे सामानों के आयात के नाम पर नेपाल से भारी धन बाहर भेजा गया है। कई लाख डॉलर के पूंजी पलायन घोटाले की जांच कर रहे एक अधिकारी का कहना है कि आयात के नाम पर बड़ी मात्र में विदेशी मुद्रा का विनियोजन किया गया है। नेपाल राष्ट्र बैंक और डिपार्टमेंट आफ रेवेन्यू इनवेस्टीगेशन उन निजी फर्मो की जांच कर रहे हैं जिन्होंने तिब्बत से ऊन और दूसरे सामान आयात करने के लिए बैंकों से भारी मात्र में विदेशी मुद्रा निकाली लेकिन उसे हांगकांग के विभिन्न बैंकों में जमा करा दिया। सरकार ने शुक्रवार को इस घोटाले की जांच के लिए टास्क फोर्स का गठन किया। अधिकारी करीब आधा दजर्न फर्मो की जांच कर रहे हैं। इनमें दहाल बिजनेस इंटरप्राइज भी शामिल है।
द काठमांडू पोस्ट
टोयटा की दिक्कत खत्म नहीं
ड्राइवरों का भरोसा जीतने के लिए टोयटा को काफी मेहनत करनी होगी। कंपनी ने अमेरिका और कनाडा में पिछले साल जितनी कारें बेची थीं उसकी तीन गुनी वापस ले ली हैं। इससे भी उस कंपनी के बारे में लोगों का विश्वास नहीं बहाल हुआ है जिसके निर्माण के बारे में बड़े दावे किए जाते हैं और जिसके डिजाइन की दिलेरी हर तरफ प्रदर्शित की जाती है। टोयटा की परेशानी यहीं नहीं खत्म होती। शिकायतें आई थीं कि इसकी कारों और ट्रकों की गति अचानक तेज हो जाती है। इसके जवाब में कंपनी की तरफ से जो भी कार्रवाई की गई वह बहुत धीमी थी और उसमें पारदर्शिता नहीं थी। शुरू में उसने ब्रेक के बारे में उपभोक्ताओं को अंधेरे में रखा।
न्यूयार्क टाइम्स

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