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इसलिए मैं नहीं लेता न्यू ईयर रिजॉल्यूशन!
नीरज बधवार First Published:03-01-13 07:04 PM

जब कभी उन ‘कारणों’ पर विचार करता हूं, जिनके चलते मेरी जिंदगी की यह दुर्दशा हुई, तो टॉप टेन कारणों की सूची में खुद को सबसे नीचे पाता हूं। नए साल पर जब सोचा कि मेरा न्यू ईयर रिजॉल्यूशन क्या हो, तब यह जानकर निराशा हुई कि अगर मैं 10-20 ग्राम सुधर भी जाऊं, तो भी मेरी जिंदगी बेहतर नहीं होने वाली है, क्योंकि इसे तबाह करने की जिम्मेदारी बाकी लोगों ने उठा रखी है। मेरा आने वाला साल कैसा होगा, यह इस पर निर्भर नहीं करता कि मेरा न्यू ईयर रिजॉल्यूशन क्या है, बल्कि इस पर ज्यादा निर्भर करता है कि जिन लोगों और चीजों ने मेरा जीना हराम कर रखा है, उनका न्यू ईयर रिजॉल्यूशन क्या है? अगर बीते साल आप अपने मूर्ख, दंभी, कर्कश और बदतमीज बॉस से परेशान रहे हैं, तो स्वाभाविक तौर पर आपकी दिलचस्पी यह जानने में जरूर होगी कि उसका न्यू ईयर रिजॉल्यूशन क्या है? क्या उसने वाकई यह प्रण लिया है कि इस साल मैं इंसानों की मुख्यधारा में शामिल होने का प्रयत्न करूंगा, कर्कशता भगाने के लिए शहद के इंजेक्शन लगवाऊंगा?

अगर उसने वाकई ऐसा कोई प्रण किया है (जिसकी उम्मीद नेताओं में जमीर मिलने के बराबर है), तब तो आपका नया साल बेहतर होने की कुछ उम्मीद है, वरना आपके यह सोचने भर से कि नए साल पर मैं अपने बॉस की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा, आपकी जिंदगी बर्बाद ही होगी। अगर आप गरमी के पांच महीने बिजली जाने से बेहाल रहते हैं, तो ईएमआई पर इन्वर्टर खरीदने का प्लान बनाने से ज्यादा यह जानना महत्वपूर्ण है कि गाजियाबाद विद्युत निगम का न्यू ईयर रिजॉल्यूशन क्या है?

दिन में पचासों एसएमएस व कॉल करके आपकी बची हुई शांति भंग करने वाली मोबाइल कंपनियों का न्यू ईयर रिजॉल्यूशन क्या है? अगर आप महिला हैं, तो इनसे बढ़कर आप यह जरूर जानना चाहेंगी कि बिना बताए कभी भी छुट्टी मार लेने वाली आपकी कामवाली का न्यू ईयर रिजॉल्यूशन क्या है? महात्मा गांधी ने कहा था कि वह बदलाव बनो, जो समाज में देखना चाहते हो। गुस्ताखी माफ.. लेकिन वह बदलाव अगर करना ही समाज को हो, तो हमारे सुधरने से क्या होगा?
 
 
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