गुरुवार, 24 अप्रैल, 2014 | 06:46 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    केजरीवाल के इस्तीफे ने पार्टी की संभावना धूमिल की: सिसोदिया मोदी के पाकिस्तान संबंधी टिप्पणी से उत्साहित हैं पाक उच्चायुक्त हिन्दुस्तान के वोट की चोट कार्यक्रम के तहत धनबाद कैंडल-मार्च आयोग ने आजम खान को फिर भेजा कारण बताओ नोटिस गिरफ्तारी वारंट के बाद राजद सांसद प्रभुनाथ सिंह लापता पीसीएस-14 के 300 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू मोदी रोड शो के बाद करेंगे वाराणसी में नामांकन दाखिल लोकसभा चुनाव का एक और महत्वपूर्ण चरण आज विमान के भीतर मोबाइल, लैपटॉप के इस्तेमाल की इजाजत जियो-टीवी के खिलाफ सरकार ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
 
करुणा, आवेश और वैराग्य
श्री श्री रविशंकर
First Published:03-01-13 07:03 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

जब एक व्यक्ति ध्यान करता है, तो उसे हम तपस्या कहते हैं (केंद्रित प्रयत्न, जो शुद्धि और आत्मिक ज्ञानोदय प्रदान करता है)। लेकिन जब पूरे विश्व के लोग एक साथ जुड़कर ध्यान करते हैं, तो उसे यज्ञ कहा जाता है। यह और भी विशेष होता है, क्योंकि हम सत्व और तालमेल का एक क्षेत्र बना लेते हैं,  जिसकी आज विश्व को अत्यधिक आवश्यकता है। इसकी आवश्यकता क्यों है, यह आप सभी जानते हैं। हमें यह हमेशा याद रखना चाहिए कि हम नवीन भी हैं और प्राचीन भी हैं। सूर्य को देखिए, यह प्राचीन है, फिर भी आज कितना ताजा है। इसकी किरणें कितनी ताजा होती हैं, इसी तरह ब्रह्मांड के अन्य अवयवों पर गौर कीजिए। वायु ताजा है। पेड़ भी कितने ताजे हैं- पुराने पेड़, पुरानी शाखाएं और ताजे पत्ते! ऐसे ही, आप भी हैं नवीन और ताजे।

ऐसे ही आपको भी जीना चाहिए। इस अनुभव के साथ कि मैं प्राचीन हूं और नवीन भी, शाश्वत और अनंत भी! स्वयं को ताजा और नया अनुभव कीजिए। और आप देखेंगे कि कैसे आपके सम्मुख उपस्थित सारी समस्याएं और खेद सरलता से लुप्त हो जाते हैं। उत्साह कहीं बाहर से हममें नहीं आता, उसका उद्भव हमारे भीतर से होता है और फिर हर स्तर पर वह तालमेल बैठाने लगता है। याद रखिए, जीवन में आपको तीन चीजों की आवश्यकता है- करुणा, आवेश और वैराग्य। जब आप पीड़ा में हैं, व्यथित हैं, तब वैरागी रहिए। जब आप खुश हैं, तब आवेश रखिए। आपके जीवन में कोई धुन होनी ही चाहिए। सेवा करने की धुन तो सबसे अद्भुत चीज है, जिसकी लालसा हर व्यक्ति को होनी चाहिए। इसलिए, जब आप सचमुच खुश हों, तो सेवा करने के लिए हमेशा तत्पर रहिए। और जब कभी दुखी हों, तब वैरागी रहिए व सदैव करुणामयी रहिए।

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
Image Loadingकाला धन करदाताओं को देंगे,एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में मोदी ने कहा
नरेन्द्र मोदी से ‘हिन्दुस्तान’ ने ई-मेल के जरिए उनसे जुड़े तमाम विवादों और सवालों पर सीधे सवाल किए। जवाब भी वैसे ही मिले...सपाट पर बेहद संयत। वे कठिन परिश्रम का वादा कर देश को आगे बढ़ाने की इच्छा जताते हैं।
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
आंशिक बादलसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 06:47 AM
 : 06:20 PM
 : 68 %
अधिकतम
तापमान
20°
.
|
न्यूनतम
तापमान
13°