मंगलवार, 27 जनवरी, 2015 | 22:22 | IST
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कर्नल राय को सोमवार को ही गणतंत्र दिवस के मौके पर वीरता सम्मान प्रदान किया गया था।कश्मीर मुठभेड़ में कर्नल राय और सिपाही शहीद।'मन की बात' पर ई बुक निकाली जाएगी: मोदी।जॉब फॉर आल, यस वी कैन: मोदी।मन की बात सुनने के लिए देशवासियों का आभारी हूं: मोदी।मोटापे और डायबिटीज से लड़ने में भारत की मदद को तैयार: बराक।मेरे पास वही समस्याएं आती हैं जिन्हे कोई हल नहीं कर पाता है: बराक।मुझे बेंजामिन फेंकलिन का जीवन चरित्र प्रेरक लगता है: मोदी।युवकों दुनिया को एक करो: मोदी।मोदी ने ओबामा को बेटियों के साथ भारत आने का निमंत्रण दिया।आज का युवा देश की सीमाओं से बंधा नहीं है: बराक।कुछ बनने के नहीं कुछ करने के सपने देखो: मोदी।मैं राष्ट्रपति पद से हटने के बाद बेटियों के साथ भारत आना चाहूंगा: बराक।मोदी को बराक ओबामा ने किताब के प्रमुख हिस्सों को पढ़कर सुनाया था।बराक ने मुझे स्वामी विवेकानंद के भाषण वाली किताब दी थी, यह बात मेरे दिल को छू गई थी: मोदी।अपनी बेटियों को बताऊंगा कि जितना आप जानतीं हैं भारत उतना ही भव्य है: बराक।मेरी बेटी को भारत की संस्कृति काफी पसंद है: बराक।मेरी बेटियां भारत आने को उत्सुक थीं, लेकिन स्कूली परीक्षा में व्यस्तता के कारण नहीं आ पाईं: बराक।मानव सेवा को ईश्वर सेवा मानने की गांधी जी की शिक्षा अनुकरणीय: बराक।भारत और अमेरिका दुनिया के दो बड़े लोकतंत्र हैं: बराक।बराक ओबामा ने मन की बात में भारत के लोगों को नमस्ते कहा।रविवार को हुई थी कार्यक्रम की रिकार्डिंग।बराक का मतलब है, वह जिसे आशीर्वाद प्राप्त है: मोदी।रेडियो पर मोदी-ओबामा ने शुरू की मन की बात।देवघर कोर्ट ने भड़काऊ भाषण मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ सम्मन जारी किया।मुजफ्फरपुर: ट्रेन इंजन से टकराई कार, एक की मौत।कोली की फांसी रोकने संबंधी याचिका पर सुनवाई पूरी, कल आएगा फैसला।
मौत की सजा नहीं है बलात्कार का हल
खुशवंत सिंह, वरिष्ठ लेखक और पत्रकार First Published:28-12-12 07:33 PM

अपने देश में बलात्कार के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। फिलहाल अपना मीडिया उस पर ज्यादा से ज्यादा तवज्जो दे रहा है। यह अच्छी बात है। आज औरतें अपने-अपने खोलों से निकल कर बाहर आ रही हैं। वे दफ्तरों, दुकानों और फैक्टरियों में आदमियों के साथ काम करने लगी हैं। ऐसे में बलात्कार के मामले बढ़ेंगे ही जब तक हम अपने कानून में जबर्दस्त बदलाव नहीं करते। इधर यह मांग बढ़ रही है कि बलात्कारी को मौत की सजा दे दो। लेकिन यह कोई हल नहीं है। सजा तो रोकने के लिए होती है। उसे पब्लिक गुस्से का हथियार नहीं बनाना चाहिए। आखिरकार हत्यारों को मिलने वाली मौत की सजा से हत्याओं में कोई कमी नहीं आई है। मेरे खयाल से तो उसकी सबसे बड़ी सजा मुजरिम को इस काम के लायक ही नहीं छोड़ना है। ताकि वह चाह कर भी इस काम को अंजाम न दे सके। इस सजा को हर हाल में जरूरी बना देना चाहिए। उसे जज के मर्जी पर नहीं छोड़ना चाहिए। मुझे यह भी महसूस होता है कि वेश्यावृत्ति को कानूनी जामा पहना दिया जाए। ताकि जो आदमी अपनी हवस मिटाना चाहते हैं, उसे सही जगह मिटा सकें। वे अपने को जबर्दस्ती किसी पर न थोपें। यह गौरतलब है कि जिन अमीर देशों में यह किया गया है, वहां इस तरह के मामलों में खासा कमी आई है। वहां औरतें ज्यादा आजाद हुई हैं और बलात्कार कम हो गए हैं। एक और बात है। वहां पर तो अब वेश्यावृत्ति भी कम होने लगी है। शायद प्रोफेशनल ने शौकिया लोगों को खदेड़ दिया है।

अर्श मल्शियानी
यह इत्तेफाक ही था। एक दिन अचानक मुझे बालमुकुंद यानी अर्श मल्शियानी की नज्म हकीकत देखने में आई। मैंने उसका कामना प्रसाद के साथ अनुवाद किया था। उसे पेंगुइन से आई अपनी किताब सेलिब्रेटिंग द बेस्ट ऑफ उर्दू पोएट्री।  में शामिल किया था। वह मेरे मौजूदा हालात को बयां करती है।
फिरदौस के चश्मों की रवानी पे ना जा।
ऐ शेख तू जन्नत की कहानी पे ना जा।।
इस वहम को छोड़, अपने बुढ़ापे ही को देख।
हूरान ए बहिश्ती की जवानी पे ना जा।।

बेटे की मेहरबानी
अपने पिता को वियाग्रा की ओर देखते हुए उसके बेटे ने कहा, ‘पापा, यह बेहतरीन सेक्स टॉनिक है। आप भी एक ट्राई कर सकते हैं। पर इसकी कीमत दस डॉलर है। आप इसका भरपूर इस्तेमाल कर लेना।’ अगली सुबह पिता ने 110 डॉलर ब्रेकफास्ट की टेबल पर छोड़ दिए। साथ में एक पर्ची थी। लिखा था, ‘शुक्रिया बेटे। दस डॉलर मेरी ओर से और 100 डॉलर अपनी मां की तरफ से।’

बेचारा प्रेमी
एक औरत मर गई। उसका एक जवान प्रेमी था। यह बात सब जानते थे। उसका पति भी। शोकसभा में प्रेमी का बुरा हाल था। पति अलग परेशान था। वह जवान प्रेमी के पास गया और बोला, ‘क्यों रो रहे हो? मैं जल्द ही शादी करने जा रहा हूं।’
(ये लेखक के अपने विचार हैं)

 
 
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