शनिवार, 25 अप्रैल, 2015 | 21:28 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
यूपी में भूकंप से 20 लोगों की मौतेंमुजफ्फऱपुर, सीतामढ़ी व मोतिहारी में फिर आये भूकंप के झटके।हमने विनाशकारी भूकंप के आलोक में नेपाल को सहायता पहुंचाने के लिए सारे संसाधन जुटाये हैं : रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर।बिहार: मुख्यमंत्री ने प्रेस कान्फ्रेंस में 25 मौतों की पुष्टि कीधनबाद से लेकर संताल तक भूकंप के झटके, घर छोड सडक पर निकले लोग, अफरातफरी का हो गया था माहौल, अपार्टमेंट में रहने वाले घंटों रहे सडक पर, बोकारो में डीसी कार्यालय में पडी दरारबदायूं: भूकंप के झटके से बदायूं के गांव बावट में दीवार गिरी, मलबे में दबकर बुजुर्ग महिला की मौत, एक अन्‍य जगह पर दीवार गिरने से बच्‍चा हुआ घायल।तूफान प्रभावित सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया में अफरातफरी में कई घायलसुपौल में जेल की 50 फीट दीवार गिरी, हालांकि कोई कैदी नहीं भागाअररिया जिले के जोगबनी में दीवार गिरने से एक की दबकर मौतधरती कांपी: कोसी, सीमांचल और पूर्व बिहार में दहशत, एक मौत, कई घायल
इच्छाशक्ति के आगे
राजीव कटारा First Published:21-12-12 08:13 PM

सोचते और परेशान होते रहे वह। आखिर कहां कमी रह गई। उन्होंने खूब काम किया था। इच्छाशक्ति की कोई कमी नहीं थी। फिर भी काम नहीं हो पाया। ‘कभी-कभी इच्छाशक्ति ही काफी नहीं होती है। उससे भी आगे जाने की जरूरत होती है। अपनी इच्छा की औरों के साथ हिस्सेदारी करनी पड़ती है। तब उसका वजन बढ़ता है।’ यह कहना है डॉ. मैग सेलिग का। वह आदत में बदलाव की विशेषज्ञ मानी जाती हैं। वह फ्लोरसेंट वैली के सेंट लुई कम्युनिटी कॉलेज में काउंसलिंग की प्रोफेसर हैं। उनकी बेहद चर्चित किताब है, ‘चेंजपावर: 37 सीक्रेट्स टू हैबिट चेंज सक्सेस।’
 यह अक्सर हमारे साथ होता है। जब कुछ गड़बड़ होती है, तो हम अपनी इच्छाशक्ति पर ही सोचने लगते हैं। हमें लगता है कि शायद उसीमें कोई कमी रह गई। लेकिन कभी-कभी ऐसा भी होता है कि वह काम हमारे अकेले के बस में नहीं होता। हम कोशिश करते हैं। कामयाबी नहीं मिलती।

इच्छाशक्ति भरपूर होती है। फिर भी काम नहीं हो पाता। तब हमें उस पर फिर से सोच- विचार की जरूरत होती है। हम जब इस दौर से गुजरते हैं, तब हमें अपनी इच्छा में औरों को शामिल करने की जरूरत होती है। उस इच्छा में आपके दोस्त हो सकते हैं। आपके साथी हो सकते हैं। जब हम अपने काम में औरों को जुटाते हैं, तो वह एक टीम वर्क जैसा हो जाता है। उसमें कई तरह के दिमागों का इस्तेमाल होता है। और जो काम अकेले नहीं हो पाता, वह किसीके जुड़ते ही खट से हो जाता है। मैग यही कहना चाहती हैं कि अपनी इच्छाओं में औरों को जोड़ लीजिए। तब वह काम अकेले का नहीं रह जाएगा। फिर कारवां बढ़ता ही जाएगा। यों भी इच्छाशक्ति का यह मतलब तो नहीं कि आप अकेले ही किसी काम को करेंगे। अपनी इच्छाशक्ति से कहीं ज्यादा जरूरी होती है, उस काम को करने की इच्छा।

 
 
|
 
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
जरूर पढ़ें
Image Loadingआईपीएल : मुंबई इंडियंस, सनराइजर्स का मुकाबला आज
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आठवें संस्करण के 23वें मुकाबले में शनिवार को वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद की टीमें आमने-सामने होंगी।