सोमवार, 24 नवम्बर, 2014 | 00:09 | IST
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अच्छी सेहत का राज
रेनू सैनी First Published:11-12-12 07:06 PM

आजकल लोगों में सेहत के प्रति जागरुकता उत्पन्न हुई है। जिम, हेल्थ क्लब आदि खुल रहे हैं। फिर भी कहीं हार्ट अटैक है, कहीं कैंसर, कहीं शुगर। लोग सेहत को दुरुस्त रखने के लिए विशेष आहार, जॉगिंग, हेल्थ क्ल्ब आदि की फीस पर खूब खर्चा करते हैं। छुट्टियों पर जाने, अच्छा दिखने, ज्यादा देर सोने और जीवन को लंबा करने की कोशिशों पर भी खुले दिल से खर्चा करते हैं, लेकिन फिर भी बात ज्यादा बनती नहीं। ऐसा क्यों? बेहतर सेहत के बारे में बताते हुए डेविड जे श्वार्ट्ज अपनी पुस्तक में लिखते हैं कि, ‘हमने अनजाने में ही सेहतमंद और सुखी जीवन के लिए आवश्यक सबसे महत्वपूर्ण तत्व खो दिया है- वह काम जिसका हम आनंद लें। अगर आपको काम मे मजा आ रहा है, तो यह लंबे, सुखी और स्वस्थ जीवन की सर्वश्रेष्ठ गारंटी है।’ एडीसन, बेल और फोर्ड जैसे लोग अपने काम में आनंद लेने के कारण न सिर्फ अमेरिका के शीर्षस्थ कारोबारियों की सूची में टॉप पर रहे, अपितु इन सबकी मृत्यु की औसत आयु 88 वर्ष थी। इन्होंने अपने समय में हेल्थ क्लब व जिम जाए बिना ही एक अच्छा और लंबा जीवन जिया।

इसकी तह में उनका अपने काम को आनंदपूर्वक करना ही सर्वप्रमुख था। इसी तरह विंस्टन चर्चिल ने बहुत कठिन समय में ब्रिटेन का नेतृत्व किया। उन्होंने अच्छी सेहत के सारे नियमों की अवहेलना की, केवल उस एक नियम के, जिसकी अक्सर हम अवहेलना करते हैं यानी उन्होंने अपने काम का आनंद लिया। चर्चिल की मृत्यु 91 वर्ष की आयु में हुई थी। आज योग, व्यायाम, जिम, पौष्टिक आहार आदि पर बल दिया जा रहा है। यह एक अच्छी बात है, लेकिन अगर इसके साथ-साथ इस बात पर भी ध्यान दिया जाए कि काम को आनंद के साथ-साथ किया जाए तो व्यक्ति कामयाबी के शिखर पर पहुंच जाएगा और अपने जीवन में अच्छी सेहत व लंबे जीवन के साथ संतुष्टि का अनुभव करेगा।

 
 
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