शनिवार, 02 अगस्त, 2014 | 12:05 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
Image Loading    श्रद्धालुओं का 37वां जत्था अमरनाथ के लिए रवाना मृतकों की संख्या 75, 100 के दबे होने की आशंका मोदी 27 सितंबर को यूएन महासभा को करेंगे संबोधित सी-सैट मामले में छात्रों का गृहमंत्री के आवास पर प्रदर्शन सोनिया गांधी पर हमले जारी, अब बराड़ ने कहा छुट्टी ले लें तेज करें अपराध न्याय प्रणाली : सुप्रीम कोर्ट ज्योति हत्याकांड: आरोपी का माथा चूमने पर हटाये गए सीओ ज्योति हत्याकांड: आरोपी का माथा चूमने पर हटाये गए सीओ आचार संहिता मामले में एंडरसन, जडेजा दोषी नहीं  दिल्ली पुलिस ने कहा, कटारा मामले के दोषियों को मिले मौत की सजा
 
जिनका समर अभी शेष है
उर्मिल कुमार थपलियाल
First Published:07-12-12 07:30 PM
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-

वह इधर राजनीति और साहित्य, दोनों में सस्पेंड चल रहे थे। संसद स्वयं में खुदरा व्यापार हो चुकी थी और ‘भीतर खुंदक, बाहर समर्थन’ वाले वालमार्ट की गोद में लैपटॉप की तरह विराज चुके थे। अर्जुन जैसे केजरीवाल ने शरशैय्या पर लेटे अन्ना हजारे रूपी भीष्म पितामह को बाण द्वारा पानी पिलाने से ना-नुकर कर दिया था। उधर एक अन्य समर में मोदी मुगदर घुमाते हुए दूसरों के धर्म की हानि करने में लगे थे। राजनीति का हर गंजा अपनी चोटी खोलकर दूसरों की जड़ों और जटाओं में मट्ठा डालने में व्यस्त था। ऐसे में निठल्ला साहित्य करता तो क्या? वह हाशिये में चला गया। मेरे साहित्यिक मित्र स्थगित अवस्था में थे। साहित्य और राजनीति में उनका आना जाना था, अत: वह एक जगह अनुपस्थिति और दूसरी जगह वॉक आउट की स्थिति में थे। यानी सब चकाचक।

वैसे भी उनका साहित्य होल सेल किस्म का था। खुदरा व्यापार वृत्ति के कारण वह प्रत्येक अखबार और पत्रिका में छपते रहते थे। वह सूचना विभाग में थे और हर पत्रिका को विज्ञापन दिलवाते थे। सरकार में होने के कारण राजकवि होना उनकी नियति थी। एक बार उनके एक कवि मित्र ने लिख दिया- ‘खबरों का मुंह विज्ञापनों से बंद है।’ उन्होंने एक राजकीय पुरस्कार दिलाकर उस कवि का ही मुंह बंद करवा दिया।

इधर राजनीति में उनका पव्वा फिट नहीं हो रहा था, सो उन्होंने पूरी की पूरी बोतल फिट करने की कोशिश की। वह सरकारी सेवा में थे, सो सीधे राजनीति में कूदने से पहले कपड़े उतारना जरूरी था, सो वह राजनीति में पंचस्नान करते और किसी बड़े मंत्री के सूचना अधिकारी हो जाते। अभी उन्होंने अपने मंत्री का भाषण लिखा- विधेयक पास होकर रहेगा। साइकिल हो या हाथी, दोनों हमारी सवारी हैं और बारी-बारी से दरवज्जो पर खड़ी हैं। इसका तत्काल प्रभाव हुआ और वह सस्पेंड हो गए। यह उनका तीसरा सस्पेंशन था। यह सरकारी था, सो प्रभावहीन था। फिलहाल वह राजनीति से विमुख होकर साहित्य में सक्रिय हैं और प्राय: सभी दलों के लिए चुनावी नारे लिख रहे हैं। कहते हैं- उनका समर हमेशा की तरह अब भी शेष है।

 
 imageloadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
टिप्पणियाँ
 

लाइवहिन्दुस्तान पर अन्य ख़बरें

आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
धूपसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 05:41 AM
 : 06:55 PM
 : 16 %
अधिकतम
तापमान
43°
.
|
न्यूनतम
तापमान
24°