मंगलवार, 21 अप्रैल, 2015 | 08:27 | IST
 |  Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
तिरुपति में ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री जेबी पटनायक का निधन
डूबते आदमी को भला कैसे कोई बचाए
गोपाल चतुर्वेदी First Published:02-12-12 07:13 PM

नदी में डूबता आदमी ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्ला रहा है। किनारे और पुल पर तमाशबीन की भीड़ है। सब चिंता और चर्चा-ग्रस्त हैं। इसे कैसे बचाएं? एक पुलिस को फोन घुमाता है, दूसरा जिलाधीश को। दोनों के चेहरे पर संकट में किसी अनजान की सहायता का संतोष है। उधर, डूबते का आर्तनाद और करुण हो चला है। भीड़ में सवाल गूंजता है, ‘क्या कोई तैरना नहीं जानता?’ जवाब में सन्नाटा है। चार-पांच लोग पिकनिक मना रहे हैं। एक धुत आवाज आती है, ‘दारू-मीट चाहिए, हम कूदने को तैयार हैं।’

सब असहाय होकर एक-दूसरे की शक्ल देख रहे हैं। सौ-डेढ़ सौ के हुजूम में कोई तैराक नहीं है, वह भी नदी किनारे बसे शहर में! सवाल है कि कौन पानी में उतरे, किसी और की खातिर? सबको इंतजार है, पुलिस या सरकार के प्रतिनिधि का। किसी को सायरन की आवाज सुनाई दी। इतने फोन किए, चलो पुलिस आई तो। भीड़ राहत की सांस लेती है। इतने में सायरन बजाती कार गुजर जाती है। मंत्री की सवारी है, लालबत्ती, सुरक्षा व समर्थकों की गाड़ियों के साथ।

अब तक नदी से आती आवाज थमने लगी है। दो पुलिस के सिपाही टहलते हुए पधारते हैं। बेंत फटकारते हैं। प्रश्न उछलता है, ‘इतनी भीड़ क्यों लगा रखी है?’ उन्हें बताया जाता है कि नदी में आदमी डूब रहा है। उसी समय नदी में एक सिर ऊपर आता है और ‘बचाओ’ का कमजोर स्वर सुनाई देता है। एक पुलिस वाला चीखता है, ‘तैरना नहीं आता, तो पानी में कूदा क्यों? जवाब के बदले पानी में खामोशी है। कोई कहता है, ‘गोताखोर बुलाकर उसकी जान बचाइए।’ दूसरा पुलिस वाला गुर्राता है, ‘इतनी हमदर्दी है, तो कूद क्यों नहीं गए पानी में?’ उसकी परेशानी जायज है।

न झगड़ा, न अदावत, न लेनदेन की गुंजाइश, फिजूल की तफ्तीश गले पड़ रही है। भीड़ छंटने लगी है। डूबने वाले के साथ देखने वालों का तमाशा खत्म हो चुका है। जाने एहसास है या नहीं कि सब डूब रहे हैं। गुलामी के दिनों से माई-बाप रही सरकार पर ऐसी निर्भरता है कि दूसरे की सहायता का कोई सोचता तक नहीं। डूबते हुए भी उसी का मुंह ताकते हैं। बहरी व्यवस्था को पुकारते हुए डूब जाते हैं।

 
 
|
 
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड
जरूर पढ़ें
Image Loadingअपने लाडले गंभीर से हारी दिल्ली
कोलकाता नाइटराइडर्स ने अपने गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन और कप्तान गौतम गंभीर की 60 रनों की कप्तानी पारी से दिल्ली डेयरडेविल्स को उसी के मैदान में सोमवार को आईपीएल-8 मुकाबले में छह विकेट से धूल चटा दी।