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दो हजार बारह में कालिदास और उनके मेघ
शैलेश त्रिपाठी
First Published:05-07-12 11:30 PM
Last Updated:05-07-12 11:33 PM
विकट सीन था। कालिदास मेघों को टाइट कर रहे थे- चले जाओ, दूर हो जाओ मेरी नजरों के सामने से। मेघ टेंशन में थे कि अत्यंत प्रेम करने वाला यह बंदा एकाएक इस तरह का व्यवहार क्यों कर रहा, जैसे चुनाव जीतने के बाद नेता वोटरों के साथ करता है?
डरते-डरते कालिदास के मुंहलगे चेले मेघ ने, जो प्रियतमा तक संदेश आदि पहुंचाता था, इसका कारण पूछा। सवाल सुनते ही कालिदास फैल गए- दुष्टो, वह समय गया, जब तुम्हें देखकर लोगों का मन-मयूर नृत्य करने लगता था, आजकल तो लोग तुम्हें देख टेंशन में आ जाते हैं। तुम्हारा क्या है, झमाझम बरसोगे और निकल लोगे। बाद की प्रॉब्लम के बारे में सोचा है? पूर्ण कमीशन खाकर अफसरों ने दो-चार नालियां बनवाई थीं, उन पर कब्जा करके भाई लोगों ने दुकानें खोल ली हैं, सो सड़कों पर पूरा पानी लग जाएगा। गाड़ियों में पानी घुस जाने के कारण वे बंद हो जाएंगी और भीषण जाम लग जाएगा। कॉलोनियों में भीषण जल जमाव होगा। भाई लोगों ने नोट खाकर तमाम कुकुरमुत्ता टाइप की कॉलोनियां बनवा दीं, जहां ड्रेनेज ही नहीं है। सो वहां की सड़कें काटनी पड़ेंगी, जो कभी नहीं बनेंगी। प्रचंड विरोध के कारण रोड काटने में विफल लोग साङो में पंपिंग सेट चलवाएंगे या पटरों के पुल बनवाएंगे।
तुम आओगे, तो आंधी भी लाओगे, सो एकाध पेड़-वेड़ भी गिरेंगे, जिसका बहाना बनाकर बिजली वाले जमकर बिजली काटेंगे। हालांकि कुछ साल में जब एक भी पेड़ नहीं रहेगा, तो यह समस्या दूर हो जाएगी। तुम्हारे आने से मच्छर और उनसे निपटने वाले विभाग जरूर खुश होते हैं, एक का परिवार बढ़ता है, दूसरे का परिवार छिड़काव के नाम पर बजट से मौज काटता है।
अरे बरसना है, तो जाकर खेतों में बरसो, रायसीना हिल्स या इटावा टाइप के वीवीआईपी एरिया में वरसो। प्रियतमाओं को संदेश देने की चिंता तुम मत करो। आजकल ब्वॉयफ्रेंड चेन-वेन खींचकर प्रियतमाओं को मोबाइल सेट दे देते हैं। प्रियतमाओं को बस मिसकॉल मारनी पड़ती है, फिर रात भर बातें होती हैं। घर वालों को खबर ही नहीं होती। उन्हें तो तब पता चलता है, जब बिटिया किसी के साथ उड़ जाती है।
डरते-डरते कालिदास के मुंहलगे चेले मेघ ने, जो प्रियतमा तक संदेश आदि पहुंचाता था, इसका कारण पूछा। सवाल सुनते ही कालिदास फैल गए- दुष्टो, वह समय गया, जब तुम्हें देखकर लोगों का मन-मयूर नृत्य करने लगता था, आजकल तो लोग तुम्हें देख टेंशन में आ जाते हैं। तुम्हारा क्या है, झमाझम बरसोगे और निकल लोगे। बाद की प्रॉब्लम के बारे में सोचा है? पूर्ण कमीशन खाकर अफसरों ने दो-चार नालियां बनवाई थीं, उन पर कब्जा करके भाई लोगों ने दुकानें खोल ली हैं, सो सड़कों पर पूरा पानी लग जाएगा। गाड़ियों में पानी घुस जाने के कारण वे बंद हो जाएंगी और भीषण जाम लग जाएगा। कॉलोनियों में भीषण जल जमाव होगा। भाई लोगों ने नोट खाकर तमाम कुकुरमुत्ता टाइप की कॉलोनियां बनवा दीं, जहां ड्रेनेज ही नहीं है। सो वहां की सड़कें काटनी पड़ेंगी, जो कभी नहीं बनेंगी। प्रचंड विरोध के कारण रोड काटने में विफल लोग साङो में पंपिंग सेट चलवाएंगे या पटरों के पुल बनवाएंगे।
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