रविवार, 19 मई, 2013 | 04:53 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
 
यह आदी होना..
राजीव कटारा
First Published:05-05-12 01:13 AM
 ई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ-
शाम होने को आई थी और उनका मूड लाइन पर नहीं आ रहा था। सुबह ऑफिस वह मजे में आए थे। फिर एक फोन आया और सब बदल गया। बॉस ने प्रोजेक्ट में एक बदलाव बता दिया था। और उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा था।

‘हम अनजान चीजों से परेशान होते हैं। चाहे वह कोई अनजान शख्स हो या कोई अनजाने हालात। उससे पार पाने के लिए हमें अलग ढंग से सोच-विचार करना पड़ता है।’ यह मानना है डॉ. स्टैनले एच. ब्लॉक का। वह यूटाह यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मेडिसिन में साइकियाट्री के प्रोफेसर हैं। पत्नी कैरोलिन के साथ आई उनकी किताब कम टू योर सेन्सेज: डिमिस्टिफाइंग द माइंड बॉडी कनेक्शन  खासा चर्चित रही है।

हम जिंदगी जीते हुए एक तरह की चीजों के आदी हो जाते हैं। एक तरह का काम। एक तरह की सड़कें। एक तरह के लोग। एक तरह के हालात। इन्हीं सबके कुल मिलाकर हम आदी हो जाते हैं। जब भी हमें कोई इस पहचान के दायरे से बाहर लाता है, तो हम परेशान-से हो जाते हैं।

अपनी पहचान और आदत से अलग जब हम किसी चीज से टकराते हैं, तो उससे निपटने का रास्ता भी अलग ही होता है। मजेदार बात यह है कि हमारी सोच भी आदी के खांचे में काम करती है। वह भी अनजानी राहों पर जाने में हिचकती है। सो, अनजान राहें आईं और सोच को दिक्कत हुई।

दरअसल, बदले हालात बदली सोच की मांग करते हैं। और यहीं हम अटक या भटक जाते हैं। सचमुच हम बदलाव तो चाहते हैं। लेकिन सोच में बदलाव नहीं करना चाहते। हमारे भीतर यह जो विरोधाभास है, वही हमें सिरदर्द देता है। पहले हम दबाव महसूस करते हैं और फिर तनाव हमें घेर लेता है। हम बेचैन हो जाते हैं। सहज नहीं रह जाते। और उस हालात से निकलने की सही राह नहीं ढूंढ़ पाते।

 
 Image Loadingई-मेल Image Loadingप्रिंट  टिप्पणियॉ: (0) अ+ अ- share  स्टोरी का मूल्याकंन
 
 
टिप्पणियाँ
 
आज का मौसम राशिफल
अपना शहर चुने  
बादलसूर्यादय
सूर्यास्त
नमी
 : 7:14 AM
 : 17:48 PM
 : 70% %
अधिकतम
तापमान
21.9°
.
|
न्यूनतम
तापमान
8.5°