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जामताड़ा : इकलौता बेटा वतन पर कुर्बान हुआ इससे बड़ा गर्व मां के लिए और क्या

जामताड़ा : इकलौता बेटा वतन पर कुर्बान हुआ इससे बड़ा गर्व मां के लिए और क्या

सीआरपीएफ के शहीद कमांडेंट प्रमोद कुमार की मां कुसुम देवी आज भी अपने इकलौते पुत्र की शहादत को याद कर गर्व महसूस करती हैं। साथ ही अपने पुत्र को खोने का गम भी है। छलकते आंसुओं के बीच वह कहती हैं कि मेरा बेटा अमर हो गया। वह अपनी दो मां एक भारत माता और मेरी सेवा करते हुए हंसते-हंसते शहीद हो गया। मेरे लिए इससे बड़ी बात क्या होगी कि इकलौता बेटा वतन पर कुर्बान हुआ है।

मिहिजाम पालबगान में अपने बीमार पति प्रभु मिस्त्री के साथ रह रहीं कुसुम देवी ने कहा कि मेरा बेटा सिर आंखों पर बैठाकर रखता था। भारत मां की सेवा के बीच ही समय निकालकर हमें प्रत्येक दिन फोन करता था और हमेशा दवा तथा अन्य सुविधाओं के बारे में पूछा करता था, पर आज सिर्फ उसकी यादें ही रह गई हैं। इकतना बोलते-बोलते कुसुम देवी की आंखें छलक गईं। बोलीं-वह बचपन से ही जिद्दी स्वभाव का था। जब आतंकवादियों के हमले की खबर मिली तो अकेले ही लोहा लेने निकल पड़ा। वह देश के लिए कुछ करना चाहता था। खासकर जब देश भक्ति फिल्में देखता था तो कहता था कि मां हम भी सेना में जाएंगे। उसकी जिद के आगे हमलोग कुछ नहीं बोल पाते थे। अपनी जिद के कारण ही वह सेना में भर्ती हुआ। 15 अगस्त 2016 को श्रीनगर के नौहट्टा चौक पर आतंकवादियों ने हमला किया था। वहां प्रमोद कुमार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। दो आतंकियों को मार गिराया और खुद भी शहीद हो गया।

पत्थरबाजों के लिए काल थे कमांडेंट प्रमोद कुमार : सीआरपीएफ कमांडेंट शहीद प्रमोद कुमार कश्मीर के श्रीनगर में पत्थरबाजों के लिए काल माने जाते थे। उनके नाम से ही पत्थरबाज कांप जाते थे। उनका काफिला जिस भी एरिया से गुजरता था, पत्थरबाज दुम दबाकर भाग खड़े होते थे। इस कारण वे आतंकवादियों की हिट लिस्ट में थे।

आखिर कबतक शहीद होते रहेंगे मां के लाल : 60 वर्षीय कुसुम देवी ने बातों-बातों में सवाल किया कि आखिर कबतक शहीद होते रहेंगे मां के लाल। इस पर सरकार को कठोर निर्णय लेना चाहिए। एक मां ही जानती है कि बेटा खोने का गम क्या होता है। बुढ़ापे में मां-बाप का सहारा बेटा होता है। शहीद प्रमोद कुमार उनका इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहने हैं। तीनों की शादी हो चुकी है।

मां का संदेश : हर मां को चाहिए कि देश पर मर-मिटने का जज्बा बेटों के दिल में पैदा करें, ताकि बेटा देश की रक्षा के लिए प्रेरित हो सके और हम सुरक्षित रह सकें। - कुसुम देवी, शहीद प्रमोद कुमार की मां

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  • Web Title:Jamtara: The only son Martyred for the country, this is a great pride to mother