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यूपी: अमरोहा में हाईवे पर कावड़ियों को डीजे बजाकर आने से न रोक पाने पर जिवाई चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर।
बारह दिन बाद भी सबूत नहीं
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता First Published:08-01-2013 11:34:33 PMLast Updated:00-00-0000 12:00:00 AM

इंडिया गेट पर कथित हिंसक झड़प के दौरान जख्मी सिपाही सुभाष तोमर की मौत से जुड़े साक्ष्य बारह दिन बीत जाने के बाद भी क्राइम ब्रांच नहीं जुटा पाई है। पुलिस उन आरोपियों पर से भी कोई आरोप अभी नहीं हटा रही, जिनके घटना के वक्त राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर होने की पुष्टि हुई है।

घटना के वक्त सिपाही के पास पहुंचे दो चश्मदीदों से पूछताछ में यह पता नहीं चल सका है कि तोमर को आखिरकार चोट लगी कैसे? उनके बयानों के अनुसार, दोनों ने सिपाही को गिरते हुए देखा था। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह सिपाही पर हमला करने वाले आरोपी की पहचान कैसे करेगी? पुलिस ने तिलक मार्ग पर लगे सीसीटीवी को खंगाला है, उसमें भी तोमर जख्मी हालत में गिरे दिख रहे हैं।

दूसरी तरफ तोड़फोड़ व उपद्रव मचाने के आरोप में पकड़े गए आठ आरोपियों में से दो- अमित जोशी व कैलाश जोशी सीसीटीवी फुटेज में घटना के समय यानी, 4 बजकर 52 मिनट पर राजीव चौक मेट्रो स्टेशन से निकलते हुए देखे गए हैं। यहीं से भगवान दास रोड होते हुए जाते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था।

पुलिस के लिए सिद्ध करना भारी पड़ रहा है कि आरोपी उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे, जिन्होंने पुलिस पर हमला किया था। उधर, मौत के कारणों को लेकर पोस्टमार्टम रिपोर्ट, जख्मी हालत में तोमर की आरएमएल में इलाज और संबंधित मेडिकल रिपोर्ट जांच पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से कराने की गुजारिश की है।

 

 
 
 
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