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बंद कमरे में होगी गैंगरेप की सुनवाई
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता First Published:07-01-13 11:33 PM

अदालत ने वसंत विहार गैंगरेप मामले की सुनवाई बंद कमरे में कैमरे के सामने कराने का आदेश दिया है। इसके साथ ही मीडिया को भी बिना अनुमति के अदालती कार्यवाही को प्रकाशित और प्रसारित करने से रोक दिया गया है। साकेत कोर्ट स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट नम्रता अग्रवाल ने अपने आदेश में कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई बंद कमरे में होगी। इससे पहले दिन में करीब 12 बजे गैंगरेप के पांच आरोपियों की पेशी के दौरान कोर्ट में बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे।

इस पर नाराजगी जताते हुए मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने बंद कमरे में सुनवाई की दिल्ली पुलिस की मांग से सहमति जताई। कोर्ट ने कहा कि अभूतपूर्व स्थिति पैदा हो गई है, बार के सदस्यों के साथ-साथ मामले से कोई संबंध न रखने वाले भी यहां पहुंच गए हैं। इससे कार्यवाही में व्यवधान पैदा हो गया है।

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अदालत परिसर की हवालात के प्रभारी ने कहा है कि सुरक्षा के मद्देनजर आरोपियों की पेशी में दिक्कत आ रही है। कोर्ट ने कहा कि लोक अभियोजक ने भी कहा है कि विचाराधीन कैदियों की सुरक्षा को लेकर चिंता है।

तुरंत प्रभाव से बनें फास्ट ट्रैक कोर्ट
नई दिल्ली
देश के चीफ जस्टिस ने सभी हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुकदमे जल्द निपटाने के लिए तुरंत प्रभाव से फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस अल्तमस कबीर ने राजधानी के वसंत विहार में गैंगरेप की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए इस संबंध में राज्यों के मुख्य न्यायाधीशों को पत्र लिखा है। चीफ जस्टिस ने कहा है कि अतिरिक्त स्टाफ और जजों का इंतजार किए बिना ही मौजूदा जजों को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएं, ताकि बिना देरी के काम शुरू हो सके।

उन्होंने इसकी जरूरत के कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि उच्च और सत्र अदालतों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मुकदमे बड़ी संख्या में लंबित हैं। हाल ही में इस तरह के मामलों में जबरदस्त इजाफा हुआ है। ऐसा लगता है कि इस तरह के मामलों के निपटारे में देरी ही इसका कारण है।
(वि.सं.)

 
 
 
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