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दरिंदों को सताने लगी जान की फिक्र
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता First Published:06-01-13 11:42 PM

वसंत विहार गैंगरेप के दरिंदों को अब अपनी जान की चिंता सताने लगी है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रविवार को दो आरोपियों ने अदालत में सरकारी गवाह बनने की इच्छा जाहिर की।

दो अन्य आरोपियों ने मुकदमे के लिए कोर्ट से कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इस मामले में चार आरोपियों राम सिंह व उसके भाई मुकेश और पवन व विनय की न्यायिक हिरासत अवधी समाप्त होने पर उन्हें रविवार को छुट्टी के दिन साकेत स्थित ड्यूटी मजिस्ट्रेट ज्योति क्लेर के चैंबर में पेश किया गया। बाद में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट ज्योति क्लेर ने ओपन कोर्ट में आदेश पारित करते हुए कहा कि दो आरोपियों पवन व विनय ने सरकारी गवाह बनने की इच्छा जाहिर की है। आदेश में आरोपियों को इसके लिए संबंधित कोर्ट में अर्जी दायर करने को कहा गया है।

आरोपी विनय और पवन ने कानूनी सहायता लेने से भी इनकार कर दिया है। इन दोनों आरोपियों ने इससे पहले दो मौकों पर पेशी के दौरान अदालत में अपना गुनाह कबूल कर अपने लिए मौत की सजा मांगी थी। अदालत ने सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि 19 जनवरी तक बढ़ाते हुए कहा कि आरोपी राम सिंह और उसके भाई मुकेश ने कानूनी सहायता के लिए वकील मुहैया कराने का आग्रह किया है। पीड़ित युवती की मौत के बाद चारों आरोपियों की अदालत में यह पहली पेशी थी।

उल्लेखनीय है कि साकेत स्थित जिला कोर्ट के सभी वकील इस मामले में आरोपियों का केस लड़ने से इनकार कर चुके हैं। ऐसे में आरोपियों को सरकार की ओर से वकील मुहैया करवाया जा सकता है।

 
 
 
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