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फास्ट ट्रैक पर इंसाफ
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता First Published:02-01-13 11:28 PM

दिल्ली में चलती बस में सामूहिक बलात्कार मामले में आरोपियों को कठोर दंड दिलाने की कवायद शुरू हो गई है। इस मामले में दिल्ली पुलिस गुरुवार को अदालत में आरोपपत्र दायर कर सकती है। पीड़ित परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए यह जल्द इंसाफ की दिशा में प्रभावी कदम माना जा रहा है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शन के बीच यह भी माना जा रहा है कि इस मामले में प्रतिदिन सुनवाई के आधार पर जल्द फैसला आएगा।

दिल्ली पुलिस इस मामले की जांच के बाद तैयार हुई चाजर्शीट की सॉफ्ट कॉपी साकेत स्थित वसंत विहार थाने के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने पेश करेगी। जिसके बाद आरोपियों को अदालत में तलब कर उन्हें आरोपपत्र की प्रति सौंपी जाएगी। आरोपियों द्वारा आरोपपत्र से जुड़े दस्तावेजों के मिलने की पुष्टि के बाद अदालत संज्ञान लेगी और मामले को जिला जज के पास भेज दिया जाएगा।

उधर, साकेत कोर्ट में ही बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अल्तमस कबीर ने फास्ट ट्रैक कोर्ट का उद़्घाटन किया। अब इसी विशेष अदालत में इस मामले की रोजाना आधार पर सुनवाई भी होगी। साकेत कोर्ट के जिला जज की अनुशंसा के बाद मामले को विशेष कोर्ट में सुनवाई के लिए भेजा जाएगा।
पहले आरोपपत्र पर अभियोजन व बचाव पक्ष के बीच जिरह होगी। अदालत अगर आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत पाती है तो उनके खिलाफ आरोप तय कर दिए जाएंगे।

इंसानियत को शर्मशार कर देने वाले गैंग रेप के इस केस में वकीलों ने सभी छह आरोपियों का मुकदमा नहीं लड़ने का ऐलान कर रखा है। अगर ऐसा होता है कि तो आरोपियों को कानूनी प्रावधान के मुताबिक पैरवी के लिए सरकारी वकील मुहैया कराया जाएगा।
 
 
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