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78% ने माना, उनके साथ हुई है छेड़छाड़
नई दिल्ली, अभिजीत पटनायक First Published:01-01-13 11:41 PM

सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद कई बार दिल्ली को रेप कैपिटल कहा जा रहा है,वास्तव में दिल्ली में महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। हिन्दुस्तान टाइम्स एक सर्वे में ये खुलासा हुआ है कि 78 फीसदी महिलाएं एक साल में कभी न कभी छेड़छाड़ का शिकार हुई हैं।

सर्वे में शामिल 18 से 25 साल के युवकों में 92 फीसदी ने ये माना है कि उनमें से सभी ने या फिर उनके दोस्तों ने सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं पर फब्ती जरूर कसी है। सर्वे में शामिल 50 फीसदी लोग मानते हैं कि महिलाएं अपने ड्रेस और व्यवहार से छेड़छाड़ की गतिविधियों को बुलावा देती हैं। 52 फीसदी लोग मानते हैं कि महिलाओं पर फब्ती कसना जायज है, हालांकि छेड़ना नहीं।

रिसर्च एजेंसी मार्स द्वारा हिन्दुस्तान टाइम्स के लिए किए गए सर्वे में पिछले हफ्ते 146 युवकों और 356 महिलाओं से बातचीत की गई जो खास तौर पर सार्वजनिक परिवहन से चलते हैं। सर्वे में बलात्कार पीड़ितों को न्याय के लिए फास्टट्रैक कोर्ट के गठन को अधिकांश लोग सही कदम मान रहे हैं।

वहीं सर्वे में काफी लोग मानते हैं बलात्कार जैसे अपराधों के लिए पुरुषों की मानसिकता भी काफी हद तक जिम्मेवार है। सर्वे में महिलाओं व पुरुषों के मानसिकता में काफी अंतर दिखा। 65% पुरुष मानते हैं कि यौन उत्पीड़न मामले अतिरंजित कर पेश किए जाते हैं जबकि महिलाएं इससे असहमत दिखीं।
 
 
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