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पेट्रोल-डीजल दामों के साथ बढ़ेगा सेस
नई दिल्ली, अरविंद सिंह First Published:30-12-12 11:32 PM

केंद्र सरकार ने जनता की जेब ढीली कर अपना खजाना भरने का नया फामरूला तैयार कर लिया है। इसके तहत पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ उसी अनुपात में सेस की दरें भी बढ़ जाएंगी। यानी, नई नीति लागू होने पर वाहन चालकों को ज्यादा सेस देना पड़ेगा।

योजना आयोग ने इससे संबंधित प्रस्ताव सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय को भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव को मंजूरी के लिए जल्द ही कैबिनेट में पेश किया जाएगा। सेस विशेष योजनाओं के लिए वसूला जाने वाला केंद्रीय उपकर है। पेट्रोल-डीजल पर सेस का 85% हिस्सा नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया को मिलता है। सरकार का मानना है कि सेस बढ़ाने से सेट्रल रोड फंड में अधिक फंड जमा होगा। इससे राज्यों के राजमार्ग व अन्य सड़कों व परियोजनाओं पर तेजी से काम हो सकेगा। हालांकि, इसका विरोध भी शुरू हो गया है। ट्रक ऑपरेटर संगठन आकागोवा के महासचिव चितरंजन दास ने कहा कि सेस की दरें बढ़ाना तर्कसंगत नहीं है। इससे मालभाड़ा भी बढ़ जाएगा, जिसका बोझ आम जनता पर ही पड़ेगा।

 

 
 
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