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सिंगापुर में मौत, सदमे में देश
सिंगापुर/नई दिल्ली, एजेंसियां First Published:29-12-12 11:39 PM

तेरह दिनों तक मौत से लड़ने के बाद आखिरकार गैंगरेप कांड की पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई। सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में शनिवार तड़के 4.45 (भारतीय समयानुसार 2.15) बजे उसने अंतिम सांस ली। इस खबर के बाद से देश सदमे में है। शनिवार देर रात उसका पार्थिवशरीर विशेष विमान से दिल्ली लाया गया।

एलिजाबेथ अस्पताल की सीईओ डॉ. केल्विन लो ने तड़के यह सूचना जारी की। 16 दिसंबर को चलती बस में गैंगरेप की शिकार बनी पीड़िता की मौत का कारण उसके दिमाग में आई सूजन बताई जा रही है। पिछले दिनों दिल का दौरा पड़ने के बाद यह सूजन आई थी। अस्पताल प्रशासन ने भी माना कि मस्तिष्क में परेशानियों और कई अंगों के काम करना बंद करने के चलते उसकी मौत हुई। बहरहाल, उसके शव का पोस्टमार्टम भी भारत में न करवाकर एलिजाबेथ अस्पताल में ही करवा दिया गया। शनिवार सुबह के समय जैसे ही देश में पीड़िता की मौत की सूचना आई, लोग सदमे में आ गए। पूरे देश में लोगों ने संवेदनाएं प्रकट करने के लिए श्रद्धांजलि सभा आयोजित कीं।  हालांकि लोगों ने रैली-प्रदर्शन कर एक बार फिर न्याय की मांग भी की।

राजधानी दिल्ली में किसी हिंसक घटना की आशंका के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इंडिया गेट की ओर जाने वाले रास्ते को बंद रखा गया। यहां चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात थे। मेट्रो के 10 स्टेशनों से भी लोगों की आवाजाही बंद रही। इस सब के बावजूद दिल्ली में कई जगह शांतिपूर्वक रैलियां निकाली गईं। युवाओं ने मुनिरका बस स्टैंड पर जाकर भी छात्र को श्रद्धांजलि दी। ये वही स्टैंड है जहां से शातिरों ने युवती को बस में चढ़ाया था। इसके अलावा जंतर-मंतर पर भी बड़ी संख्या में अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए काफी लोग पहुंचे।

वहां अपना दुख प्रकट करने पहुंची दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को लोगों का विरोध ङोलना पड़ा। लोगों ने उनके विरोध में नारे लगाए और उन्हें वहां से जाने को मजबूर कर दिया।

प्यारी बेटी की लड़ाई व्यर्थ नहीं जाएगी। लोगों ने गुस्से का इजहार सार्वजनिक रूप से किया है, मैं सभी को आश्वासन देती हूं कि आपकी आवाज सुनी गई है।
—सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष

हमने घटना से उत्पन्न भावनाएं व आक्रोश देखा है। यह युवा व ऐसे भारत की प्रतिक्रियाएं हैं जो वास्तव में बदलाव चाहता है। इसकी जांच समय की मांग है।
—मनमोहन सिंह, प्रधानमंत्री

चिकित्सा क्षेत्र में शोध करने वालों के लिए यह घटना अनोखी केस स्टडी होगी। शायद ही किसी देश में किसी डॉक्टर के सामने इतना वीभत्स मामला सामने आया हो।
—डॉ. नरेश त्रेहन, चेयरमैन, मेदांता मेडिसिटी

दरिंदों को फांसी की संभावना
छात्रा की मौत के बाद गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ हत्या की धारा 302 भी जोड़ दी गई है। मामले की चार्जशीट 3 जनवरी को दाखिल हो सकती है। क्योंकि मामला रेयरेस्ट ऑफ द रेयर की श्रेणी का है, ऐसे में आरोपियों को धारा 302 के तहत फांसी का रास्ता लगभग तय हो गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता दयाकृष्णन इस मामले में सरकारी वकील होंगे।
 
 
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