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दिल्ली महफूज नहीं
नई दिल्ली, वरिष्ठ संवाददाता First Published:21-12-12 11:20 PM

‘दिल्ली असुरक्षित है, मैं शर्मिदा हूं और मुझमें पीड़िता (गैंगरेप की शिकार लड़की) का सामना करने की हिम्मत नहीं है।’ ये शब्द किसी और के नहीं बल्कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के हैं। एक टीवी चैनल पर बातचीत के दौरान उन्होंने ये बातें कहीं। वहीं, गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने भी खुद राजधानी की बसों में सफर करने के बाद स्वीकार किया कि यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं।

उधर, राजधानी की सुरक्षा का ठेका लेने वाली दिल्ली पुलिस को हाईकोर्ट ने गुरुवार को कड़ी फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में हम (पीठ) पुलिस की भूमिका से संतुष्ट नहीं हैं। चीफ जस्टिस डी. मुरुगेसन व जस्टिस राजीव सहाय एंडलॉ की पीठ ने यह टिप्पणी दिल्ली पुलिस द्वारा पेश सीलबंद स्थिति रिपोर्ट पर विचार करने के बाद की। रिपोर्ट में गश्त पर तैनात अधिकारियों के बारे में कोई जानकारी नहीं होने पर लताड़ लगाते हुए पुलिस आयुक्त से इस मसले पर सभी जानकारियों के साथ 9 जनवरी तक विस्तृत हलफनामा देने को कहा है।

इसी दिन मामले की कोर्ट सुनवाई भी करेगा। हालांकि बाद में पुलिस की ओर से कहा गया कि हम इस बात को मानते हैं कि रिपोर्ट में विस्तृत जानकारी होनी चाहिए। उधर, दिल्ली पुलिस ने काले शीशे लगे 142 बसों के लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की है।

 
 
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