शुक्रवार, 06 मार्च, 2015 | 16:33 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
इलाहाबाद के मुट्ठीगंज इलाके में दिनदहाड़े देशी बम मारकर युवक की हत्या, 22 साल के युवक का नाम कीर्ति कुमार, पुलिस के मुताबिक पुरानी रंजिश में मारा गया युवकयूपी : गोरखपुर के संवेदनशील क्षेत्र रसूलपुर में मटकी फोड़ने पर दो समुदाय में विवाद, पथराव हुआ, मौके पर पहुंचे डीएम और एसएसपी, हालात काबू मेंबिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री रामसुंदर दास का निधन, 9 जनवरी को रामसुंदर दास ने मनाया था अपना 95वां जन्मदिनलाइवहिन्दुस्तान डॉट कॉम के सभी सुधी पाठकों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं।
पीड़िता ने पूछा- वो पकड़े गए या नहीं
नई दिल्ली, निशि भाट First Published:18-12-12 11:44 PM

रविवार की काली रात के बाद बलात्कारियों को फांसी की सजा देने के लिए उठ रही आवाज में एक कराह उस पीड़िता की भी शामिल है जो दर्द की इंतहा को अस्पताल के बिस्तर पर झेल रही है। सफदरजंग अस्पताल में सांसों की डोर को थामे रखने की जंग लड़ रही पीड़िता ने होश में आने पर पहला सवाल किया ‘वो पकड़े गए या नहीं।’

हैवानियत की हदों को पार कर देने वाली वारदात की शिकार छात्र बोलने से लाचार है। वह लिखकर अपने दर्द को बयां कर पा रही है। असहनीय पीड़ा को हर पल परास्त कर रही पीड़िता भी चाहती है कि कानून, इन दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा दे।

मंगलवार को होश में आने पर उसने दूसरी ख्वाहिश अपनी मां से मिलने की जताई। मां को देखते ही लगी आंसुओं की झड़ी ने इंसानियत पर लगे धब्बों की कहानी बयां कर दी। इसके बाद कागज के चंद टुकड़ों पर हाथों लिखी बातें पीड़िता के हौसले और जज्बे की मिशाल पेश करती है।

 

 
 
|
 
 
टिप्पणियाँ
 
क्रिकेट स्कोरबोर्ड