शुक्रवार, 28 नवम्बर, 2014 | 23:17 | IST
  RSS |    Site Image Loading Image Loading
ब्रेकिंग
यूपी के वरिष्ठ आईएएस राजीव अग्रवाल को सचिव आवास अवाम शास्त्री नियोजन और ग्रीन विभाग से हटाया गयाहल्द्वानी में मुख्यमंत्री के काफिले पर पथराव
सितार से चमकाए संगीत के सितारे
पद्मविभूषण पंडित बिरजू महाराज (शास्त्रीय नर्तक व कथक गुरु) First Published:12-12-12 11:38 PM

सुबह टीवी पर खबर देखी, तो एक बार यकीन ही नहीं हुआ। हम बार-बार आंखें मलकर देखने लगे। मगर, खबर सच थी। पंडित रविशंकर अब हमारे बीच में नहीं हैं, मगर उनकी कला हमेशा जिंदा रहेगी। वह एक महान सितारवादक होने के साथ-साथ संगीत के ऐसे गुरु थे, जो एक इशारे में ही बहुत कुछ समझा देते थे।    

पंडित रविशंकर मेरे चाचा पंडित शंभू महाराज व पंडित लाचू महाराज के मित्र थे। इस नाते भी मुङो उनका आशीर्वाद हमेशा मिलता रहा। मुङो उनके साथ स्टेज शो का मौका तो नहीं मिला, मगर उनके घर पर सितार के साथ तबला जरूर बजाया। वह बहुत खुश हुआ करते थे और कुछ समझाना होता, तो एक संकेत से ही समझा दिया करते थे। उन्होंने भारतीय संगीत को विदेशों में एक खास पहचान दी। सितारवादन को तो उस ऊंचाई तक पहुंचाया, जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल था। अमेरिका में उनकी कला का ऐसा जादू चला कि सितार वहीं बनने व रिपेयर होने लगे हैं। उन्होंने देसी व विदेशी साजों को समझा, पढ़ा और जाना। वे सभी गुर उनके सितार वादन में मिलते हैं। ईश्वर को ऐसी बड़ी हस्तियों को और लंबा जीवन देना चाहिए।
प्रस्तुति- सुनीता तिवारी

 

 
 
|
 
 
टिप्पणियाँ